चांदनी चौक के ठेलेवाले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

डीएचएमए और कैट ने दिया हड़ताल को पुरजोर समर्थन 
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । दिल्ली के चांदनी चौक में साøदर्यीकरण कार्य की आड़ में थोक कपड़ा बाजार में ठेलेवालो को दिन के समय कपड़े की गांठों की आवाजाही करने पर रोक लग रखी है।जिससे ठेलेवालों को रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।जिसके खिलाफ  चांदनी चौक के ठेले यूनियन वालों की तरफ से 10 सितम्बर 2021 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु कर रखी है और चांदनी चौक में बतौर धरने प्रदर्शन पर बैठे हुए है।जिससे कपड़े सहित अन्य वस्तुओं की थोक कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हो रही है।जिसको लेकर दिल्ली हिन्दुस्तानी मर्क़ेंटाइल एसोसिएशन (डीएचएमए) और कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की तरफ से ठेलेवालों की हड़ताल को पूरजोर समर्थन दे दिया है।ऐसे में देखना यह होगा कि यह हड़ताल कब तक चलेगी जिसको लेकर सभी की टकटकी लगी हुई है क्येंकि थोक व्यापारियों में चिंता धर कर गई है।     दरअसल दिल्ली के चांदनी चौक के ठेला यूनियन के प्रधान होती लाल ने कहा कि हम ठेलेवाले चांदनी चौक के साøदर्यीकरण के कतई खिलाफ नहीं है।बहरहाल चांदनी चौक में ठेले की आवाजही पर रोक लगने के चलते लगभग 10 हजार ठेलेवालों के समक्ष रोटी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है क्योंकि चांदनी चौक में सुबह 9 बजे से लेकर रात को 9 बजे तक ठेलेवालों को कपड़े की गाठों की आवाजाही करने पर प्रतिबंध लगा रखी है।ऐसे में किन दुकानदारों की दुकानें रात के या सुबह के समय खुलेंगी जिनका हम काम करेंगे जो कि एक विकट समस्या उत्पन्न हो रखी है।जिसको लेकर हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।इसीबीच मजदूरों की हक में दिल्ली हिन्दुस्तानी मर्क़ेंटाइल एसोसिएशन (डीएचएमए) एवं कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की तरफ से ठेकेवालों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को पूरजोर समर्थन दिया है।ऐसे में चांदनी चौक में मेवा होटल के पास हजारों की संख्या में धरने प्रदर्शन पर बैठे ठेलेवालों को समर्थन देने के लिए डीएचएमए और कैट के अग्रणी प्रतिनिधियों ने शिरकत की थी।जिसको लेकर डीएचएमए के प्रधान श्री अरुण सिंद्याानिया एवं महामंत्री श्री मुकेश सचदेवा ने बताया कि ठेलेवालों की तमाम समस्यों के बारे में हमने पहले ही केद्र सरकार और दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर अवगत करा चुके है बहरहाल इस पर अभी तक अमल नहीं हुआ है।उन्होंने बताया कि चांदनी चौक में दिन के समय नॉन वीकल मोटर की आवाजाही की अनुमति है तो फिर ठेलेवालों को भी दिन के समय कपड़े की गांठों को लेकर आवाजाही करने की अनुमति दी जाए क्योंकि हाथ ठेले या बैल ठेले कोई मोटराइज्ड नहीं है।वहीं चांदनी चौक में सुबह 9 बजे से लेकर रात को 9 बजे तक लोडिंग-अनलोडिंग पर प्रतिबंध है।ऐसे में एक तरफ ठेलेवालों को कपड़े की गांठों की आवाजाही नहीं हो पाती है और वह बेरोजगार हो रहे है।वहीं कपड़े की गांठों की दिन के समय आवाजाही नहीं होने से कपड़े का थोक व्यापार बेहद प्रभावित हो रहा है।ऐसे में कपड़े की गांठों को दिन में भी ठेलेवालों को आवाजाही की अनुमति दी जाए ताकि ऐन त्योहार के मौके पर कपड़े के कारोबार को संचालित करने का मौका मिल सकेगा।वैसे भी कोरोना काल से ही कपड़े का थोक कारोबार बिल्कुल प्रभावित हो रखा है।उन्होंने आगे बताया कि चांदनी चौक में साøदर्यीकरण की आड़ में लगभग 17 जगहों पर सिमेंटेड बैरिकेटिंग कर रखी है  जिससे ठेलेवाले कपड़े की गांठों की आवाजाही नहीं कर पाते है और यदि किसी तरह से करते भी है तो हाथ-पैर में चोट लगने की आशंका बनी रहती है।ऐसे में चांदनी चौक में सिमेंटेड बैरिकेटिंग को अविलम्ब हटाने की व्यवस्था सुनिचित किया जाए ताकि आम जनमानस को भी चांदनी चौक में आने जाने की सुविधा दुरुस्त हो सकेगी।वहीं कंफेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि कैट ठेलेवाले मजदूरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को पूरजोर समर्थन है दिया है।उन्हेंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने जानबूझकर इन मजदूरों को बेरोजगार कर रहे है।उन्होंने कहा कि चांदनी चौक व आसपास के थोक बाजारों में कपड़े सहित 70 से अधिक वस्तुओं का थोक कारोबार होता है जिस थोक व्यापार का हाल बेहाल हो रखा है और थोक व्यापारी चिंतित नजर आ रहे है।उन्होंने कहा कि चांदनी चौक में दिन के समय भी लोडिंग व अनलोडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है ताकि सभी तरह की कारोबारी गतिविधियां सुनिश्चत हो सकेगी।जिससे ठेलेवालों को भी रोजगार के नए सिरे से अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

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