चीनी निर्यात 70 लाख टन पार करने की संभावना

चीनी निर्यात की बेहतर संभावनाएं
रमाकांत चौधरी   
नई दिल्ली । देश में चालू सत्र में चीनी निर्यात 70 लाख को पार कर जाने की संभावना है।जिससे चीनी निर्यात को लेकर अच्छी संभावनाएं बनी हुई है।ऐसे में अगले महीने से शुरु होने वाले नए चीनी सत्र में विश्व बाजार में चीनी की ऊंची कीमतों का लाभ उठाते हुए 60 लाख टन चीनी का निर्यात कर सकता है।उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है।
दरअसल देश में चीनी उद्योग की प्रमुख संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) की तरफ से कहा गया है कि देश में 2020-21 के सत्र (अक्टूबर-सितम्बर) के प्रथम ग्यारह महीनों में लगभग 66.7 लाख टन चीनी का निर्यात किया है जो कि इससे पिछले वर्ष किए गए 55.7 लाख के निर्यात से कहीं अधिक है।हालांकि मौजूदा चीनी सत्र में कुल चीनी निर्यात 70 लाख टन के पार हो सकता है।जिसको लेकर इस्मा की तरफ से कहा गया है कि ब्राजील में चीनी का उत्पादन में संभावित गिरावट के चलते अगले सत्र में विश्व बाजार में चीनी की कमी की संभावना है।ऐसे में चीनी की वैश्विक कीमतें चार साल के उच्च स्तर लगभग 20 सेंट प्रति पाøड पर चल रही है।इसका मतलब यह होगा कि भारतीय चीनी मिलों के पास अगले कुछ महीनों में जनवरी 2022 तक और उसके बाद अप्रैल 2022 तक ब्राजील की चीनी बाजार में आने से पहले अपनी अधिशेष चीनी का निर्यात करने का अच्छा अवसर होगा।ऐसे में देश की कई चीनी मिलों ने आगामी सत्र में निर्यात के लिए चीनी वायदा अनुबंध पर हस्ताक्षर किए है।वहीं इस्मा की तरफ से कहा गया है कि ऐसे में यह माना जाता है और अपेक्षित है कि भारतीय चीनी मिलें इस अवसर का लाभ उठाएंगी और अगले सत्र में भी 60 लाख टन तक चीनी का निर्यात करने की स्थिति में होगी।इसके अतिरिक्त थाईलøड में चीनी उत्पादन अपने पिछले वर्ष़ों की तुलना में अगले सत्र में बढने की संभावना है बहरहाल फिर भी यह अपने सामान्य उत्पादन 1.4-1.45 करोड़ टन से लगभग 30-35 लाख टन कम ही रहेगा।इस्मा ने कहा कि थाईलड की चीनी जनवरी 2022 के बाद ही बाजार में आएगी।

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