कपड़ा उद्योग के दो ढांचे में 6-15 प्र.श. इंसेंटिव : दर्शना जरदोष

कपड़ा उद्योग के दो ढांचे में 6-15 प्र.श. इंसेंटिव : दर्शना जरदोष
हमारे प्रतिनिधि
नई दिल्ली। केद्रीय कैविनेट ने हालही में मेनमेड फाइबर, मेनमेड एपरल और टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर के विभिन्न उत्पादनों के लिए प्रोडक्शन ंिलंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना घोषित की है। इस योजना के तहत पांच वर्ष में 19 हजार करोड़ रु. का निवेश, तीन लाख करोड़ रु. का उत्पादन और 7.5 लाख रोजगार का  अनुमान है। इस योजना के तहत टेक्सटाइल उद्योग को किस तरह का लाभ होगा, इस पर नजर डालते है।
केद्रीय टेक्सटाइल राज्यमंत्री दर्शना जरदोष ने कहा कि इस योजना के कारण नया निवेश आएगा। नए अवसर सर्जित होंगे तथा उच्च दर्जे के मेनमेड फाइबर और मेनमेड एपरल का प्रोडक्शन होने की आशा है।
इस स्कीम के कारण मेनमेड फाइबर और टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर भारत का परंपरागत काटन सेक्टर को अधिक सहारा प्रदान करेगा और इस क्षेत्र की कठिनाइयों के निवारण की अपेक्षा है।
टेक्निकल क्षेत्र का सेगमेंट है इसका उपयोग ढांचागत, जल की देखभाल, संरक्षण सुरक्षा, आटोमोबाइल्स, उड्डयन क्षेत्र में होता है। इस सेक्टर की क्षमता बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन की घोषणा की है। इसमें से इस क्षेत्र में संशोधन और विकास का विकास होगा।
टेक्निकल टेक्सटाइल को अगर सरल भाषा में समझें तो ऐसा फैब्रिक मटेरियल जो स्पेशियल परपज के लिए बनाया गया है।
यह योजना दो ढांचे में लागू होगी। प्रथम स्ट्रक्चर में कोई, कंपनी, व्यक्ति या संस्था कम से कम 300 करोड़ का निवेश प्लांट और मशीनरी में होगा और जिस योजना में प्रोडक्ट लाइन का उत्पादन करेगी उसे इसका लाभ मिलेगा। पहले दो वर्ष में निवेश अवधि में कंपनी इन्वेस्टमेंट करना होगा और बाद के पांच वर्ष में उसे उत्पादन करना होगा। प्रोडक्शन कम से कम 600 करोड़ रु. का करना होगा। उन्हें उसके उत्पादन पर 15 प्र.श. इंसेंटिव मिलेगा। बाद के वर्ष़ों में जो प्रोडक्शन में वृद्धि होगी उसके अनुसार 14 प्र.श., बाद के वर्ष में 13 प्र.श. फिर 12 और फिर 11 प्र.श.। इस तरह पांच वर्ष तक इस स्कीम का लाभ मिलेगा।
दूसरे ढांचे में कोई कंपनी, व्यक्ति या संस्था कम से कम 100 करोड़ का निवेश प्लांट या मशीनरी में करेगी और पहले दो वर्ष में निवेश की प्रारंभिक अवधि में कंपनी इन्वेस्टमेंट करना रहेगा और बाद के पांच वर्ष में उसे उत्पादन करना होगा। प्रोडक्शन में कम से कम 200 करोड़ रु. करना होगा। उन्हें उसके उत्पादन पर 11 प्र.श. का इंसेंटिव मिलेगा। बाद के वर्ष़ों में 9 प्र.श. फिर क्रमश: 8, 7 और 6 प्र.श.। इस तरह पांच वर्ष तक इस स्कीम का लाभ मिलता रहेगा।

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