एक्स्ट्रा लॉग स्टेपल काटन पर आयात शुल्क घटाने पर विचार

एक्स्ट्रा लॉग स्टेपल काटन पर आयात शुल्क घटाने पर विचार
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्र सरकार की तरफ से टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर जरुरी कच्चे माल को सस्ता करने की कवायद तेज कर दी गई है।जिसके तहत केद्र सरकार की तरफ से एक्स्ट्रा लॉग स्टेपल (ईएलएस) कॉटन पर आयात शुल्क घटा सकती है।इस समय देश में ईएलएस कॉटन सहित सभी तरह के कॉटन पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क देय है।
दरअसल केद्र सरकार की तरफ से एक्स्ट्रा लॉग स्पेटल (ईएलएस) कॉटन के आयात को सस्ता करने के लिए इससे जुड़ा अलग एचएसएन कोड जारी कर सकती है।यह वैश्विक बाजार में निर्यात सामांजस्य प्रणाली के तहत उत्पाद को दिया कोड होता है।जिसके लिए नए कोड के आने के बाद इस पर अलग से आयात शुल्क घटाना संभव हो सकेगा।देश में इस कॉटन का उत्पादन मांग के हिसाब से पूरा नहीं पड़ता है।जिसके चलते कपड़ा उद्योग जगत को इसके लिए आयात पर ही निर्भर रहना पड़ता है।ऐसे में नए कोड की व्यवस्था आ जाने के बाद केद्र सरकार की तरफ से इसके आयात पर लगने वाली 10 प्रतिशत आयात शुल्क घटा सकती है।इस समय जीएसटी में सभी तरह के कॉटन के लिए एक ही कोड है।देश में अभी सिर्फ 5-6 लाख ईएलएस बेल्स का उत्पादन होता है जबकि मांग कहीं अधिक है।ऐसे में एक आकलन के तहत कपड़ा उद्योग जगत को लगभग 50 प्रतिशत ऐसा कॉटन विदेश से आयात करना पड़ता है।जिसको लेकर भारतीय कपड़ा उद्योग जगत की तरफ से कहा जा रहा है कि 10 प्रतिशत  आयात शुल्क के चलते न सिर्फ भारतीय उत्पाद की लागत बढ जाती है बल्कि यलिं के उत्पाद वैश्विक बाजारों से प्रतिस्पर्धा में महंगे हो जाते है।

© 2021 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer