मैनमेड फाइबर पर रू 7 हजार करोड़ एवं टेक्नि. टेक्स. पर रू 4 हजार करोड़ होगा आवंटित

मैनमेड फाइबर पर रू 7 हजार करोड़ एवं टेक्नि. टेक्स. पर रू 4 हजार करोड़ होगा आवंटित
टेक्सटाइल सेक्टर की पीएलआई स्कीम
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 8 सितम्बर 2021 को नई दिल्ली में संपन्न हुई।जिसमें टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर अगल अगल दस उत्पादों के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) स्कीम को अगले पांच वर्ष के लिए 10683 करोड़ रुपए से अधिक का पैकेज दिया जाएगा।जिसको लेकर भारतीय कपड़ा उद्योग व निर्यातक की तरफ से कहा जा रहा है कि टेक्सटाइल सेक्टर में उत्पादन से लेकर निर्यात के मोर्चे पर विशेष रुप से बढावा मिलेगा।वहीं कपड़ा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
दरअसल केद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल की तरफ से टेक्सटाइल उद्योग को बढावा देने को लेकर उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) स्कीम की घोषणा की गई।जिसके तहत दस अलग अलग उत्पादों के लिए अगले 5 पांच वर्ष तक 10683 करोड़ रुपए से अधिक  का पैकेज दिया जाएगा।जिसके तहत मैनमेड फाइबर परिधान क्षेत्र को लेकर 7 हजार करोड़ रुपए और टेक्निकल टेक्सटाइल क्षेत्र को लेकर लगभग 4 हजार करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित की जाएगी।उल्लेखनीय है कि केद्र सरकार ने सुस्त पड़ी टेक्सटाइल उद्योग को बढावा देने और इसे पुनर्जीवित करने के लिए जुलाई में यह राशि आवंटित की थी।इस योजना के तहत छोटे शहरों की कंपनियों को अधिक प्राथमिकता दी जाएगी।जिसको लेकर केद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस स्कीम से मुख्य रुप से गुजरात,उत्तर प्रदेश,महाराष्ट्र,पंजाब, तमिलनाडु,आन्ध्र प्रदेश,तेलंगाना,उड़ीसा जैसे राजयों को लाभ मिल पाएगा।जिसको लेकर केद्रीय कपड़ा मंत्रालय की तरफ से उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) योजना के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी थी।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से इन धनराशि से कपड़ा-परिधान उद्योग को बढावा देने,निर्यात क्षमता को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढाने का लक्ष्य रखा है।वैसे तो पीएलआइ योजना के तहत केद्र अतिरिक्त उत्पादन पर प्रोत्साहन देगी और कंपनियों को भारत में बने उत्पादों को निर्यात करने की अनुमति मिलेगी।इसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनाने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहन करना है।वहीं केद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री दर्शना जरदाश ने कहा कि इस योजना से लगभग 7.5 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।हमारा लक्ष्य 3.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के कपड़ा उत्पादन करने को है।यद्यपि पहजले दो वर्ष़ों के बाद 25 प्रतिशत का प्रोत्साहन लक्ष्य है।इस योजना के माध्यम से तकनीकी वस्त्र और मानव निर्मित फाइबर परिधानों को बढावा दिया जाएगा।वहीं कपड़ा क्षेत्र के लिए पीएलआइ योजना को आम बजट 2021-22 में 13 क्षेत्रों के लिए की गई घोषणाओं का हिस्सा है।आम बजट में 13 क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपए की योजनाओं की घोषणा की गई थी।इस योजना को लेकर मुंबई की नवसारी कॉटन मिल्स के निदेशक सुभाष जैन ने बताया कि कपड़ा क्षेत्र में पीएलआइ योजना से मैनमेड फाइबर और टेक्निकल टेक्सटाइल के उत्पादन सहित निर्यात के मोर्चे पर अच्छा समर्थन मिलेगा।जिससे मैनमेड फाइबर और टेक्निकल टेक्सटाइल का उत्पादन बढेगा और निर्यात में भारी इजाफा होगा।जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।वहीं दिल्ली के परिधान निर्यातक ललित ठुकराल ने कहा है कि कपड़ा क्षेत्र में पीएलआई स्कीम से निश्चित तौर पर कपड़ा क्षेत्र में विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।जिसके तहत मैनमेड फाइबर से निर्मित परिधान के निर्यात में वेशष रुप से बढावा मिलेगा।वहीं टेक्नीकल टेक्सटाइल के निर्यात में भारी इजाफा होगा।जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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