चीनी का उत्पादन घटने की संभावना

चीनी का उत्पादन घटने की संभावना
गन्ने से बनाया जाएगा अधिक एथनॉल
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । अगले चीनी सत्र 2021-22 में एथनॉल उत्पादन के लिए अधिक गन्ने का इस्तेमाल होने की संभावना है।जिसके चलते चीनी 2021-22 में चीनी के उत्पादन में मामूली गिरावट आ सकती है और यह 3.05 करोड़ टन रह सकती है।वहीं  चालू चीनी सत्र 2020-21 में चीनी का उत्पादन 3.10 करोड़ टन तक हो सकता है।उल्लेखनीय है कि ब्राजील के बाद भारत दुनिया में सबसे अधिक चीनी का उत्पादन होता है।
केन्दीय खाद्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि इस वर्ष गन्ने की फसल कुल मिलाकर अच्छी है।ऐसे में हमें एथनॉल बनाने के लिए अधिक गन्ना इस्तेमाल होने की उम्मीद है।हालांकि मौजूदा सत्र में एथनॉल उत्पादन में जितने गन्ने की खपत होती है उससे 20 लाख टन चीनी का उत्पादन होता है।वहीं 2021-22 सत्र में 35 लाख टन चीनी उत्पादन में काम आने वाले गन्ने को एथनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।ऐसे में चीनी उत्पादन में कमी के बावजूद घरेलू खपत के लिए जरुरी मात्रा के लिहाज से यह पर्याप्त होगा।चीनी की खपत की बात करें तो 2021-22 सत्र में यह तीन से चार लाख टन बढ सकती है और 2.63 से 2.65 करोड़ टन तक पहुंच सकती है।वहीं पिछले 2020-21 के सत्र की बात करें तो तब घरेलू खपत 2.6 करोड़  टन रहने का अनुमान जताया गया है।अगले सत्र चीनी का बचा हुआ स्टॉक 90 से 95 लाख टन और अनुमानित उत्पादन 3.05 करोड़ टन से चीनी की कुल उपलब्धता 3.95 से चार करोड़ टन हो सकती है।उन्होंने आगे कहा कि चालू सत्र में ग्नने का कुल 91,000 करोड़ रुपए के बकाए की तुलना में किसानों को अब तक लगभग 83,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है और शेष के आठ हजार करोड़ के बकाए में अगले एक महीने में कमी आ सकती है।

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