सीपीओ का भाव 4000 रिंगिट के ऊपर रहने की उम्मीद

सीपीओ का भाव 4000 रिंगिट के ऊपर रहने की उम्मीद
कुआलालंपुर । क्रूड पाम ऑयल (सीपीओ) का भाव वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में 4000 रिंगिट प्रति टन के ऊपर ठहरने की उम्मीद है जबकि चौथी तिमाही में उत्पोदन में सुधार होने से भाव घट सकते हैं। 
मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एमपीओबी) के महानिदेशक डॉ. अहमद परवेज गुलाम कादिर का कहना है कि आने वाले वर्ष में पाम ऑयल का उत्पा दन बढ़ने और निर्यात के बने रहने की आस है। कोविड-19 में अब सकारात्म क सुधार होने से बाजार को समर्थन मिला है एवं वैश्विक तेल बाजार का भविष्यष अच्छास है। साथ ही प्रतिस्पोर्धी और आयात करने वाले देशों की कारोबार नीतियां इस समय अनुकूल हैं। 
इस बीच, वर्ष 2021 में पाम ऑयल का औसत भाव 4000 रिंगिट प्रति टन रहने की उम्मी द है जो वर्ष 2020 के औसत भाव 2685 रिंगिट से 49 फीसदी अधिक है। भाव में यह इजाफा क्रूड पाम ऑयल का उत्पानदन कम रहने के आसार से हुआ है। उन्हों ने कहा कि वर्ष 2021 में सीपीओ का उत्पापदन लगभग 180 लाख टन रहने की उम्मीहद है जो वर्ष 2020 के उत्पाकदन से कम है। मजदूरों की सीमित उपलब्धि और पाम फल की उपलब्ध ता घटने से सीपीओ का उत्पा।दन प्रभावित हुआ है। वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में उत्पापदन बढ़ने की उम्मीउद है लेकिन यह वर्ष 2020 की दूसरी छमाही से कम होगा। 
पाम ऑयल के स्टॉ0क पर कादिर ने कहा कि इस वर्ष पाम ऑयल का अंतिम स्टॉहक दिसंबर 2020 के 12.7 लाख टन से बढ़कर 17 लाख टन रहने का अनुमान है। इस बढ़ोतरी की वजह नवंबर एवं दिसंबर में पिछले साल के समान महीनों की तुलना में पाम ऑयल का उत्पा दन बढ़ना होगा। मुख्यम आयातक देशों में वनस्पीति तेलों का स्टॉपक कम होने से पाम ऑयल की मांग बनी रहेगी, ऐसे में यह स्टॉनक ज्यापदा नहीं है। 
उन्हों ने वर्ष 2021 में कुल निर्यात वर्ष 2020 की तुलना में 6.3 फीसदी घटकर यानी 16.3 लाख टन कम रहने की उम्मी द है। भारत का पाम तेल आयात मलेशिया से जनवरी से जुलाई के दौरान इस साल 18 लाख टन पहुंच गया जो पिछले साल समान समय में 8.5 लाख टन था। यूरोपीयन संघ देशों का आयात 18.1 फीसदी घटकर यानी 9.7 लाख टन रहा।

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