भारत में वर्ष 2021-22 में सोयाबीन का उत्पादन घटने, मूंगफली का बढ़ने का अनुमान

भारत में वर्ष 2021-22 में सोयाबीन का उत्पादन घटने, मूंगफली का बढ़ने का अनुमान
वाशिंग्टन। अमरीकी कृषि विभाग (यूएसडीए) ने मार्केटिंग वर्ष 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) में भारत में सोयाबीन की उपज 108 लाख टन होने का ताजा अनुमान जारी किया है। मानसून में देरी और अनियमित बारिश की वजह से अनुमान में कमी की गई है। जबकि, मूंगफली का उत्पादन अनुमान बढ़ाया गया है। 
यूएसडीए के मुताबिक मार्केटिंग वर्ष 2021-22 में भारत में पहले सोयाबीन उत्पादन का अनुमान 112 लाख टन था जो अब 108 लाख टन किया गया है। वर्ष 2020-21 में यह उत्पादन 104.50 लाख टन था। भारत में नए मार्केटिंग वर्ष में सोयाबीन का आयात 2.50 लाख टन रहने की संभावना है। नए मार्केटिंग वर्ष में ओपनिंग स्टॉक 4.42 लाख टन रहने का अनुमान है जो चालू वर्ष में 4.72 लाख टन था। इस तरह कुल सप्लाई 114.92 लाख टन होगी जबकि चालू मार्केटिंग वर्ष में यह 112.42 लाख टन रही। भारत से नए मार्केटिंग वर्ष में सोयाबीन का निर्यात दो लाख टन रहने का अनुमान है। मार्केटिंग वर्ष 2021-22 में सोयाबीन की क्रशिंग 96 लाख टन होने की संभावना है। जबकि, सीजन मे अंत में स्टॉक 2.92 लाख टन रहने के आसार हैं। 
यूएसडीए के मुताबिक मार्केटिंग वर्ष 2021-22 में भारत में मूंगफली का उत्पादन 67.60  लाख टन होने का अनुमान है। पहले यह अनुमान 63 लाख टन आंका गया था। वर्ष 2020-21 में यह उत्पादन 62.40 लाख टन था। भारत में नए मार्केटिंग वर्ष में मूंगफली का आयात तीन हजार टन रहने की संभावना है। नए मार्केटिंग वर्ष में ओपनिंग स्टॉक 1.55 लाख टन रहने का अनुमान है जो चालू वर्ष में 3.26 लाख टन था। इस तरह कुल सप्लाई 69.18 लाख टन होगी जबकि चालू मार्केटिंग वर्ष में यह 65.69 लाख टन रही। भारत से नए मार्केटिंग वर्ष में मूंगफली का निर्यात नौ लाख टन रहने का अनुमान है। मार्केटिंग वर्ष 2021-22 में मूंगफली की क्रशिंग 40 लाख टन होने की संभावना है। जबकि, सीजन मे अंत में स्टॉक 1.68 लाख टन रहने के आसार हैं।

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