भारत में 362 लाख गांठ काटन पैदा होने के आसार

भारत में 362 लाख गांठ काटन पैदा होने के आसार
मुंबई। अमरीकी कृषि संस्था (यूएसडीए) की भारत के लिए एफएएस की ताजा रिपोर्ट में मार्केटिंग वर्ष 2021-22 में भारत का कॉटन उत्पा दन अनुमान घटाकर 362 लाख गांठ (प्रति गांठ 170 किलोग्राम)  यानी 61 लाख टन आंका है। भारत में इस साल कपास का रकबा घटकर 126 लाख हैक्टॉयर रहने का अनुमान है जो पिछले अनुमान 129 लाख हैक्टेसयर से कम है। यूएसडीए ने पिछले महीने कपास का उत्पा दन अनुमान 371 लाख गांठ जताया था। 
भारत में चालू खरीफ सीजन 2021-22 में कपास का रकबा पिछले सीजन की तुलना में 6.58 फीसदी घटा है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकडों के मुताबिक 2 सितंबर 2021 तक कपास की बोआई कुल 118.13 लाख हैक्टेकयर में हुई है जबकि पिछले साल यह 126.45 लाख हैक्टेययर में थी। इस तरह कपास के रकबे में 6.58 फीसदी की कमी आई है। दलहन और तिलहन के भाव आकर्षक होने से किसान कपास से इन फसलों की ओर मुड़े हैं जिससे कपास के रकब में कमी आई है। 
एफएएस रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केटिंग वर्ष 2021-22 में कॉटन की खपत 327 लाख गांठ (प्रति गांठ 170 किलोग्राम) यानी 56 लाख टन रहने की उम्माद है। कॉटन  यार्न और कॉटन फैब्रिक्स  की मांग अच्छी  होने से निर्यात ऑर्डर बेहतर रहेंगे। रिपोर्ट के अनुसार मार्केटिंग वर्ष 2021-22 में कॉटन निर्यात 77 लाख गांठ यानी 13 लाख टन रहने का अनुमान है। भारतीय कॉटन के दाम अन्यस देशों की तुलना में काफी प्रतिस्प र्धी बने हुए हैं जिसकी वजह से निर्यात में बढ़ोतरी होगी। भारतीय कॉटन के खपत देशों की भी मांग अच्छीऑ रहने की उम्मीद है। 
भारत के वाणिज्या मंत्रालय के मुताबिक अगस्तच 2020 से जुलाई 2021 के दौरान देश से कॉटन निर्यात 7863572 गांठ यानी 1336807 टन पहुंच गया जो पिछले साल के समान समय से 92 फीसदी अधिक है। भारतीय कॉटन का सबसे ज्युदा निर्यात बांग्लाहदेश, चीन, वियतनाम और इंडोनेशिया को हुआ है। भारत से हुए निर्यात में बांग्लायदेश का हिस्सो 42 फीसदी और चीन का हिस्साश 36 फीसदी रहा है। भारत का मार्केटिंग वर्ष 2020-21 में अगस्तक 2020 से जुलाई 2021 तक कॉटन आयात 1080134 गांठ यानी 183623 टन रहा है। भारतीय कॉटन यार्न का निर्यात अगस्तट 2020 से जुलाई 2021 तक 1027000 टन पहुंच गया। साथ ही यार्न के दाम भी अक्टूटबर से बढ़े हैं एवं चीन, बांग्लादेश, पेरु, पुर्तगाल और वियतनाम की अच्छी मांग है।

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