पंजाब की मंडियों में कपास की आवक 50 गुना बढ़ी

बठिंडा। अच्छी मांग और निजी कंपनियों द्वारा बेहतर कीमतों की पेशकश के बीच, पंजाब में मंडियों में कपास की फसल की आवक में पिछले साल 21 सितंबर तक के आंकड़ों की तुलना में 50 गुना वृद्धि देखी गई है। 
पंजाब मंडी बोर्ड के अनुसार, 21 सितंबर तक दक्षिण पंजाब में फैले कपास बेल्ट में विभिन्न मंडियों में लगभग 80,000 क्विंटल फसल खरीदी गई है। पिछले खरीफ सीजन की इसी अवधि में, विभिन्न खरीद केंद्रों ने केवल 1,637 क्विंटल आवक की सूचना दी थी। उद्योग सूत्रों ने फसल की आवक में तेज बढ़ोतरी का कारण खरीदारों द्वारा दिए जा रहे बेहतर भाव को बताया है। 
घातक पिंक बॉलवॉर्म के हमले के बावजूद, मानसा और बठिंडा जिलों में क्रमश: 27,000 और 12,000 क्विंटल कपास की  आवक देखी गई है। फाजिल्का में 21 सितंबर तक किसानों द्वारा लगभग 26,000 क्विंटल कपास की बिक्री की जा चुकी है। 
मंडी बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, कपास की कीमत 7,010 रुपए प्रति क्विंटल तक है। वास्तव में, लगभग 98 फीसदी उपज को सीजन के अपेक्षित न्यूनतम समर्थन मूल्य (क्ग्ख्) 5,925 रुपए/क्विंटल से ऊपर की दरों पर खरीदा गया है। 
इस साल, पंजाब में कपास का रकबा अनुमानित 3.25 लाख हेक्टेयर है। कुछ हिस्सों में, जहां मई से पहले कपास बोया जाता है, अगस्त के मध्य में कपास की तुड़ाई शुरू होती है, लेकिन प्रमुख फसल 15 सितंबर के बाद शुरू होती है। बाजार पर नजर रखने वालों का कहना है कि पिछले साल कोविड- प्रतिबंधों के कारण अनिश्चितता के कारण कपास की मांग कम थी। 
मंडी बोर्ड कॉटन के राज्य समन्वयक रजनीश गोयल ने कहा कि सितंबर 2020 में कपास की औसत दर लगभग 4,500रुपए/क्विंटल थी। चूंकि, भारतीय कपास निगम (सीसीआई) 1 अक्टूबर से कपास की खरीद शुरू कर देता है, इसलिए किसानों की प्रवृत्ति तब तक उपज को स्टॉक करने की होती है जब तक कि बाजार में अधिक कीमत न मिल जाए। 
लेकिन, इस बार कपास की औसत दर 6,800-7,000रुपए/क्विंटल है, जो एमएसपी से काफी अधिक है। लंबी-मध्यम वैरायटी पर एमएसपी की औपचारिक अधिसूचना, जो आमतौर पर पंजाब में बोई जाती है, अभी तक जारी नहीं की गई है, लेकिन इसके 5,925 रुपए प्रति क्विंटल होने की उम्मीद है।

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