2050 तक भारत होगा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा आयातक

अमेरिका और यूरोपीयी देशों की घटेगी हिस्सेदारी, चीन को लेकर अधिक उम्मीद
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । पिछले कुछ वर्ष़ों से तेजी से बढते मध्यम वर्ग और इसके बढते खर्चे के साथ भारत 2050 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा आयात बन जाएगा। भारत वैश्विक आयात में 5.9 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ चीन और अमेरिका के ठीक पीछे रहेगा।
दरअसल यूके के अंतरराष्ट्रीय व्यापार विभाग की नवीनतम ग्लोबल ट्रेड आउटलुक में कहा गया है कि विश्व अर्थव्यवस्था के बीच वर्तमान रैंकिंग के हिसाब से भारत 2.8 प्रतिशत आयात हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़े आयातक देशों में आठवें स्थान पर है और 2030 तक चौथे नंबर पर आने के लिए तैयार है।वहीं इस समय बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में चीन,भारत,ब्राजील और तुर्की के ई-7 समूह के 2050 तक वैश्विक आयात मांग में ई-7 के हिस्से के बराबर होने का अनुमान है।वहीं दुनिया के सात सबसे अमीर देशों कनाडा,फ्रांस,जर्मनी,इटली,जापान,यूके और यूएस जैसे जी-7 समूह का हिस्सा है।वैश्विक जीडीपी में जी-7 की हिस्सेदारी 2000 में 65 प्रतिशत से गिरकर 2020 में 46 प्रतिशत रह गई।वहीं ई-7 की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत बढकर 28 प्रतिशत हो गई।यद्यपि उभरती अर्थव्यवस्थाओं की बड़ी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है।वहीं अमेरिका और यूरोपीय देशों के अधिकांशत: आयात क्षेत्र में हिस्सेदारी 2030 तक घटने की उम्मीद है क्योंकि एशिया के मध्यम वर्ग के खातों में क्रयशक्ति बढ रही है।यह परिवर्तन विशेष रुप से खाने-पीने के सामान,यात्रा और डिजिटल सेवा क्षेत्र में चिन्हित किया गया है।वहीं यूके के अंतरराष्ट्रीय व्यापार विभाग की नवीनतम ग्लोबल ट्रेड आउटलुक में यह कहा गया है।

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