भारत-यूएई का दिसम्बर अंत तक होगा सीपा समझौता

भारत के बुनियादी ढांचे में निवेश करेगा यूएई
हमारे संवाददाता द्वारा
नई दिल्ली । निर्यात प्रोत्साहन के लिए पिछले कुछ महीनों से भारत कई देशों के साथ व्यापार समझौते को अंजाम देने की कोशिश में जुटा हुआ है।जिसके तहत 23 सितम्बर 2021 से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भारत कंप्रेहेंसिव इकोनोमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीपा) को लेकर औपचारिक वार्ता शुरु कर दिया है।जिसके तहत भारत और यूएई देश सीपा से जुड़ी वार्ता को इस वर्ष दिसम्बर तक समाप्त कर लेंगे और अगले साल मार्च में भारत और यूएई सीपा समझौते पर हस्ताक्षर कर लेंगे।जिसको लेकर भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और यूएई के विदेश व्यापार मंत्री थानी बिन अहमद अल जऊदी ने 23 सितम्बर 2021 को संयुक्त रुप से घोषणा की।
दरअसल वित्त वर्ष 2019-20 में भारत और यूएई के बीच 59 अरब डॉलर का कारोबार किया गया था।ऐसे में सीपा के तहत भारत और यूएई ने अगले पांच वर्ष में वस्तुओं के कारोबार को 100 अरब डॉलर तो सेवा क्षेत्र के कारोबार को 15 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।वहीं भारत ब्रिटेन के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पहली नवम्बर 2021 से वार्ता शुरु करेगा।जिसकी घोषणा हाल ही में की गई और 2022 के मर्शी तक भारत और ब्रिट्रेन के बीच मिनी ट्रेड डील होने की संभावना है।वहीं सीपा की वार्ता घोषणा के तहत केद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यूएई एक अहम स्थान पर है जहां से पूरे अफ्रीका में भारी पैमाने पर व्यापार होता है।जिसके तहत कई देशों के साथ युएई के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) है और विश्वस्तरीय व्यापार में उसकी बड़ी भूमिका है।इस सप्लाई चेन में यदि भारतीय व्यापार को प्रवेश मिलता है तो हमारे निर्यात के लिए असीम संभावनाएं निकलेगी। उन्होंने कहा क भारत और यूएई को सीपा से बराबर का फायदा होगा। जिसके तहत भारत के टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, चाय, समुद्री उत्पाद जैसी वस्तुओं के निर्यात में बढोतरी होगी।

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