मोदी की अमेरिका यात्रा सफल

प्रधानमंत्री मोदी प्रेसिडेन्ट जॉ बायडन और वाइस प्रेसिडेन्ट कमला हेरिस से पहली बार रू-ब-रू मिले बायडन के साथ शुक्रवार को विचार विमर्श किया । इसके पहले अमेरिका के पांच शीर्ष कंपनियों के सीईओ के साथ भेंटकर उद्योग जगत और मीडिया में विशेषरूप से उल्लेख किया गया। आईटी सोलार और ड्रोन उद्योग की पांच कंपनियों के सीईओ में से दो तो भारतीय कुल के अमेरिकन हैं। एक तरफ विश्व का ध्यान अमेरिकन नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की भेंट पर था तो दूसरी तरफ सेंसेक्स के 60,000 के स्तर पार करने की चर्चा में भी भारतीय अर्थतंत्र की सफलता विश्व ने देखी। नरेद्र मोदी दोनों मोर्चे- आतंकवाद- अर्थतंत्र पर सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
भारत से कोरोना की बिदाई हो रही है और तीसरी लहर की संभावना भी नहीं है। सभी लोगों को वैक्सिन देने का लक्ष्य वर्ष से अंत के पहले ही सफल होने का विश्वास व्यक्त किया जा रहा है- दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था में भी अब चेतना का संचार हुआ है- अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ कोरोना के पहले की स्थिति- स्तर पर पहुंचने की आशा व्यक्त कर रहे हैं तो बाम्बे स्टाक एक्सचेंज का- नया शिखर सर कर विश्व के इन्वेस्टरों और कार्पोरेट अग्रणियों को भारतीय अर्थव्यवस्था के उज्ज्वल भविष्य का वचन दिया है। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की अमेरिका यात्रा और अर्थतंत्र के अग्रणियों के साथ भेंट में मुंबई शेयर बाजार ने विश्वास का रंग भर दिया है।
युनाइटेड नेशन्स की महासभा में प्रमुख बायडन के बाद प्रधानमंत्री मोदी भी आतंकवाद का उल्लेख करें यह स्वाभाविक है। अफगानिस्तान में तालिबान आने के बाद और पाकिस्तान के तालिबानी आतंकवादियों को साथ देने के बाद विश्व के तख्ते पर पाकिस्तान और चीन अलग पड़ गए हैं। अमेरिकी उपप्रमुख कमला हेरिस ने भी पाकिस्तान के नाम का उल्लेखकर भारत के साथ अमेरिका की सुरक्षा पर जोर दिया है। प्रमुख बायडन और नरेद्र मोदी की भेंट- दोनों देशों की व्यूहात्मक भागीदारी और स्वाभाविक भाईबंदी को मजबूत बनाया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था में विश्वास के साथ भागीदारी के पर्याप्त अवसर का भरोसा प्रधानमंत्री को दिया है। एक तरफ कोरोना पर विजय और दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था में चेतना के समाचार समय पर आए हैं। भारत में भी अर्थतंत्र के विशेषज्ञों ने उज्ज्वल भविष्य का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। विपक्षी नेता और पी. चिदम्बरम जैसे विशेषज्ञ भले नकारात्मक आलोचना करते रहे, डॉ. मनमोहन सिंह के विश्वासपात्र डॉ. मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने पहली बार सार्वजनिक में कहा कि इस वर्ष के आखिर तक अर्थतंत्र कोरोना महामारी के पहले के स्तर पर आ जाएगा अर्थात डेढ़- दो वर्ष का घाटा अब पूरा होगा और नूतन भारत के निर्माण की दिशा में तीव्र प्रगति होगी, कठिन दौर पूरा हुआ है। अर्थतंत्र के संगठित क्षेत्र में तेजी आने से ही अन्य गैर संगठित क्षेत्र में भी जान आएगी। निजी क्षेत्र में पूंजी निवेश बढ़ने से रोजगार बढ़ेगा।
मोंटेक सिंह ने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण को समर्थन देकर कृषि सुधार अनिवार्य होने का अभिमत व्यक्त किया है। जिस तरह संशोधन विधेयक पारित हुआ। उसके कारण आशंका और अविश्वास होने की बात उन्होंने कही है। पहली बार ऐसा समर्थन दिया है, अब पी. चिदम्बरम किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं यह  देखना है।
अमेरिका में मोदी सरकार को आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए पूंजी निवेश का भरोसा मिल रहा है तो भारत में विपक्ष- कांग्रेस के पास आलोचना करने के अलावा कोई उपाय नहीं है। विपक्षी एकता की बात किनारे रह गयी है और पंजाब में मुख्यमंत्री पद से कैप्टन अमरिन्दर सिंह को अपमानित कर हटाया गया इसकी चर्चा शुरू हो गयी है- कैप्टन ने सही ही कहा है कि प्रियंका और राहुल गांधी को बिलकुल अनुभव नहीं- अब कांग्रेस का कोई प्रवक्ता- जिसका नाम भी नहीं सुना गया ऐसे- कैप्टन को सलाह दे रहे हैं कि गांधी परिवार की गैर अनुभव वाली आलोचना वापस लो- ! कैप्टन के लिए ऐसी सलाह भी अपमानजनक है। अब कांग्रेस के सीनियर नेता- ग्रुप- 23  भी पंजाब के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। अलबत्ता पंजाब के चुनाव में कानून- व्यवस्था बरकरार रहे और ड्रग्स का ढेर- न लगे इसकी सावधानी है- पंजाब का परिणाम कांग्रेस में गांधी परिवार के लिए निर्णायक होगा ऐसा माना जा रहा है।

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