स्टाकिस्टों और निर्यात की मांग बढ़ने से शक्कर के भाव में तेजी

स्टाकिस्टों और निर्यात की मांग बढ़ने से शक्कर के भाव में तेजी
हमारे संवाददाता
स्थानीय सियागंज किराना मंडी में  शक्कर पर स्टास्टो  और निर्यात की मांग निकलने से  तेजी रही बताया गया ।  शक्कर भाव थोक मंडी में 3725 से 3750  रू तक होना बताए गये है  । खेरची में शक्कर का भाव खुले बाजार में 42 रू 48 रू तक क्वालिटी मुजब था । माल्स में पेकिंग में 48  रू मोटे दाने की शक्कर का था।  गत् हप्ते शक्कर पर  उत्पादन और आयात-निर्यात के फैर में  तेजी  का रहा । पिछले कई वर्षो से शक्कर का उत्पादन देश में बढते क्रम से है । जो कि अब 250 लॉख टन से अधिक तक उत्पादन प्रतिवर्ष होने तक पहुंच गया है । देश म थअब कृषिजिंसो और अन्य उत्पादनो पर अधिक उत्पादन अधिक भाव का दौर जारी है । वैश्विक उत्पादन शक्कर का बढ रहा है इससे निर्यात मांग में  हाना बताई जा रही है ।  तेजी आने का दूसरा कारण इथेनॉल उत्पादन का बढना बताया जा रहा है । यही कारण है कि शक्कर पर भाव अभी कंट्रोल से बाहर होना बताए जा रहे है । गत् माह  में शक्कर 3500  रू  उंचे में थी । जनता के अनुसार शक्कर मिलो को बाय-प्रोडक्ट के रूप में मिल रहे उत्पादो से भारी फायदा है जिससे शक्कर उत्पादन  लागत में कोई  अधिक भार कारखानो को नही है फिर भी सटटे् शक्कर पर बनते ही रहते है । जनता हित में सरकार को सोचना चाहिये कि इससे अधिक भाव नही बढे  ।   किराना मसाला में  उपरी भाव के  सटटे्  होने से तेजी  भी बनती जा रही है । भारी उच्च भाव पर सभी मसाला घटक  हो गये है ।  वर्तमान में  उत्पादनो में भी कमी नही है बताया जा रहा है । आंध्र प्रदेश , इरोड  की मंडियो में  हल्दी  में हल्दी का पिछला स्टॉक और इस वर्ष  अच्छे उत्पादन की हवा से भाव कुछ नीचे आऐ है । इस वर्ष  हल्दी का उत्पादन गत् वर्ष के 51-52 लॉख बोरियो के मुकाबले 73 से 74 लॉख बोरियो का उत्पादक प्रदेशो मे ंअच्छा आया बताते है । उधर की मंडियो मे ंअधिक उत्पादन से घबराहट भरी बिकवाली भी बढी है और दखिण की सरकारों ने लगभग 32-35 रू किलो तक  हल्दी बेचने के टेंडर निकाले जो कि हाथे -हाथ बिकना बताया जा रहा है  । वायदा भी मंदी में होना बताया जा रहा है इससे हाजिर बाजार में गत् हप्ते हल्की मंदी पर थे । हल्दी स्टाकिस्ट भी सक्रिय होना बताए जा रहे है । हल्दी उत्पादक  प्रदेशों में उधर की थोक मंडियो मे ं भाव 80-100  रू तक होना बताए जा रहे है जबकि स्थानीय थोक मंडी मे हल्दी पर कोई मंदी आने के आसार दिखाई नही दिये हैं । इंदौर की थोक मंडी में भाव हल्दी निजामाबाद110 से 130 रू  और  सांगली का भाव 158 से 160 रू सिथर ही बताया जा रहा है । हल्दी पावडर 501 का भाव 1850 से 1900 रू तक होना बताया जा रहा था । पिछले वर्ष अच्छी वर्षा और ठंड से जीरा राजस्थान में इस वर्ष अच्छे उत्पादन में रहा है ।  भाव सटटे् में उंचे ही बने हुऐ है ।  भाव 180 -185 रू होकर मांग अभाव के बाद लगभग 5 रू प्रति किलो गत् हप्ते टूटा है । जीरा राजस्थान  तरफ का 150-155 रू और उंझा मध्यम का भाव  175 रू के पूर्व भाव के मुकाबले 168 रू तक नीचे आया है ं  है । काली मिर्च में भी इस वर्ष भारत में कम उत्पादन और वियतनाम में भी कम उत्पादन आने की हवा से  भाव पुन: तेजी की ओर होना बताए जा रहे है । कालीमिर्च में वायदे में तेजी के प्रभाव से  हाजिर में भी तेजी  होना बताया गया । भाव गारवल का  425 से 430  रू और  मटरदाना का भाव  465 से 475 रू तक होना बताया गया है । साबुदाना उत्पादक प्रदेश में परिस्थतियो से कच्चे माल की  उपलब्धता में कमी  रहने से उत्पादक प्रदेशो में तेजी का दौर रहा बताते है । हांलाकि त्योहारी मांग भी एक फेक्टर रहा है।  जिससे पिछले दिनो  साबुदाना में  तेजी  बनी रही  । मध्यम बोरी का भाव 4750 से 4850 रू और सच्चा मोती का भाव लूज में 5750  रू और पेकिंग में 5810 , रू एक किलो का था । वरलक्ष्मी का भाव 5200 रू  और एक किलो पेकिंग का भाव  5690 रू  तक बताया गया  । सावन की मांग इस वर्ष नारियल के भावो  में तेजी रही  सावन मास के खत्म की पूर्ति के बाद भाव कुछ नरम हुआ है । हांलाकि आगे त्योहारो की लंबी लाईन है इससे मंदी की अधिक धारणा भी नही बताई जा रही है । नारियल में गत् हप्ते  भरावा अधिक रहने से  कमजोर मांग रही मगर भाव में स्थिरता ही  रही । 250  भरती का नारियल भाव लगभग 1950 रू तक बोला जा रहा था । मंडी में 5 से 7  गाडियो की औसत आवक 
रही । गोला और बुरा की मांग निकलन थ से हल्की तेजी रही । गोला उत्पादक प्रदेशों में स्टॉक मे कमी आ जाने की वजह से लगभग 4 रू तेज स्थानीय मंडी मे ंहोना बताए जा रहे थे । भाव 195 से 211 रू हो गये। खोपरा बुरा में  उंचे भाव पर रहने और आगे मांग  होने से मंदी की धारणा  नही है। भाव  2850 -2900  से 3700 रू रहा, व्हील ब्रांड के  भाव 3700 रू रहा ।

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