ऊंचे भाव पर दालों में ग्राहकी का अभाव

ऊंचे भाव पर दालों में ग्राहकी का अभाव
स्टॉक लिमिट से भाव अधिक तेजी की संभावना नहीं
हमारे संवाददाता
इस वर्ष दलहनो के भाव एमएसपी से उंचे  चल रहे है और उंचे भाव मिलने से  कृषि रकबे भी बढे है । केंद्र सरकार  द्वारा खरीफ  फंसलो की इस वर्ष की पैदावार अधिक आने का अनुमान जताया है ।  बीते वर्ष 85 लॉख टन दलहन के उत्पादन क थमुकाबले इस वर्ष खरीफ फसल का उत्पादन 94.5 लॉखटन तक बैठ सकता है । इससे दलहनो और दालो के भावो में अप्रत्याशित तेजी आने की संभावना नही है । हांलाकि व्यापारिक क्षैत्र आगे  आने वाले त्योहारा  की मांग पर तेजी की संभावना आने की भी बाते कर रहें है।  इसी बीच निमाड तरफ का उडद उत्पादन मंडियो मे ंआने की खबरे है ।  जबकि कर्नाटक तरफ की मुंग की आवके बढ रही है । आयातित मसूर का स्टॉक बढ गया है । लेवाली निकल नही रही है । लगभग 100 रू तक मसूर गत् हप्ते टूटकर भाव 7300-7400 रू तक होना बताई जा रही थी। तुवॉर पर भी गत् हप्ते लेवाली कमजोर रही है । हांलाकि इनके भाव सिथर ही रहे है । चने पर  में फेश लेवाली निकलने सभाव 50 रू की बढत मे ंरहे होकर भाव 5350 से 5400 रू तक पुन: हाना बताए जा रहे है । तुवॉर की सीमित आवको के बीच तुवॉर और  तुवॉर दाल स्थिर रही मगर चना दाल मे ंमे ग्राहकी का अभाव रहने से  लगभग 80-10 रू तक टूटी बताते है ।  उडद के भाव नीचे में लगभग 100 रू तक टूटते भाव नई का 5000 से 6000 रू और पुरानी का भाव 7100 से 7300 रू तकहोना बताया जा रहा था।  चनादाल  के साथ ही अन्य दालो में थोक ग्राहकी का अभाव बताया जा रहा है । दालो में भारत की खपत अधिक है ।  इससे मांग और आपूर्ति के कारण महंगाई दलहन-दालो में उपरी भावों पर स्थिरता बनाऐ हुऐ है ं रही है ।  कोविड का डर वैसे तो व्यापार जगत और जनता से निकल रहा है । मगर उनका डर की तीसरी लहर का डर अभी व्यापार जगत में छाया हुआ है । कब इसका जीन्न उठ जाऐ और  व्यापार पर फिर से किंतु-परंतु का समावेश हो इससे दलहन-दालों के स्टाकिस्ट भी हल्के होना चाह रहे है । तुवॉर की नई फसल का अभी कोई आगमन है नही और  आयातित यंगून की तुवॉर  की  वहां उंची कीमते जा रही होने थस आयात पडतल महंगी बैठ रही है। तुवॉर पिछले दिनो कुछ तेज रही है और धारणा आगे तेजी की ही बताई जा रही है । तुवॉर 5700-7000 रू रही ।  निमाडी  का भाव  57000 से 6500 रू  और महाराष्टा  6600-680 0  और कर्नाटकी का भाव 6900 से 7000  रू तक होना बताया जा रहा था । काबुली चने पर भी दबाव देखा जा रहा है । काबुली चना  इंदौर की थोक मंडियो में 9000 से 9500 रू तक होना बताया जा रहा है । व्यापारिक क्षैथत्रो से मिली खबरो के अनुसार  चने में दाल मिलों की ठंडी मांग रहने और नेफेड के की बिकवाली से  मंदी  आई थी  मगर व्यापारिक मांग और सटटे् से पून: तेजी रही बताया जा रहा है । ।  आवक का सीजन नही हे मगर स्टॉक से भी चना उंचे भावो पर निकल रहा है । इससे मंदी का नही आना मुख्य कारण बना हुआ है । इस वर्ष उडद,मसूर और तुवॉर  दलहन जिंसो की भारी आयात हुआ है  फिर भी इन जिंसो के भाव पिछले दिनो से उंचे में स्थिर या हल्की तेजी-मंदी मे ंबने रहते बताए गये है । थोक मंडी मे उडद की आवके कोई 200 बोरियो और काबली चना की 1000  बोरियो की हो रही है ।    भारी उंचे भावो पर दालो में मांग अभाव बना हुआ है । चना दाल 6050 से 6250 रू और बेस्ट में 6550 से 6650 रू तक भाव थे ।  तुवॉर दाल 8600 से  9600 विभिन्न क्वालिटी का था । तुवॉर दाल मार्केवली का भाव 9300 से 9500 रू तक थी  और फूल का भाव  8800 से 8900 रू थ ।  मूंग दाल उंचे भाव 78000 से 7900  बेस्ट में बताया गया है । उउद दाल 9200 से 9300 रू मसूर दाल 8200 से  8400 रू तक थी।

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