भारत में सस्ते चाय में आयात में 176 प्र.श. की वृद्धि

भारत में सस्ते चाय में आयात में 176 प्र.श. की वृद्धि
निधेष शाह, टी फ़ोरम ऑफ़ इण्डिया 
भारतीय चाय उद्योगको बचाने के लिए से सस्ती चाय की आयात कीमतों के मद्देनजर, न्यूनतम आयात मूल्य तय करना यह सुनिश्चित करने के लिए विचार करने योग्य है कि चाय का आयात उस लागत पर किया जाता है जो भारतीय चाय के उत्पादन की लागत से अधिक है । 
उद्योग के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि भारत में चाय का आयात फिर से निर्यात के लिए होता है, लेकिन इन आयातित चाय का एक बड़ा हिस्सा भारतीय चाय के साथ मिश्रित किया जा रहा है और घरेलू बाजार में भारतीय चाय के रूप में सस्ती कीमत पर बेचा जा रहा है । 
काली चाय उत्पादन में विश्व में दित्य स्थान से अग्रणी होने के बावजूद, भारत ने 2021 के पहले छह महीनों में केन्या , नेपाल और अन्य गंतव्यों से सस्ती चाय का आयात 12.16 मिलियन किलोग्राम तक देखा, जो पूरे साल के आयात 15.86 के तीन-चौथाई से अधिक था । चायका आयात साल-दर-साल 176% बढ़ा था। 2020 के जनवरी-जून में देश ने 4.41 मिलियन किलो चाय का आयात किया था। 
केन्याई चाय का आयात 2021 के पहले छह महीनों में 4.02 मिलियन किलोग्राम तक चढ़ गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1.49 मिलियन किलोग्राम था । यह एक महत्वपूर्ण वृद्धि है, और ये भारतीय चाय उद्योग को भारी मात्रा मे नुक़सन  कर रही है । चूंकि केन्याई की कीमतें भारत की कीमत 2.5 डॉलर प्रति किलोग्राम की तुलना में लगभग 1.7 डॉलर प्रति किलोग्राम हैं, इसलिए व्यापार ने पुनब् निर्यात उद्देश्यों के लिए इस साल केन्याई चाय की अधिक मात्रा में खरीदा हो सकता है। नेपाल से आने वाली चाय के मामले में भी ऐसा ही रुझान देखा गया है, जो नेपाल से शुल्क (मुक्त आयत)। तहत आती है और दार्जिलिंग चाय के नाम से बिक्री हो रही है । 
उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि इन आयातित सस्ती चाय का एक बड़ा हिस्सा घरेलू बाजार में भारतीय चाय के रूप में बेचा जा रहा है, जिससे भारतीय चाय की छवि प्रभावित हो रही है। भारत ने जनवरी-जुलाई 2021 की अवधि में 622.86 मिलियन किलोग्राम चाय का उत्पादन किया, जबकि 2820 के एक साल पहले यही अवधि मे 442.08 मिलियन किलोग्राम था । 
जो भी चाय का आयात किया जाता है, उसे मूल नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। बहूमूल वाली चाय को भारतीय चाय के तौर पर नहीं बेचा जाना चाहिए। 
उत्पादकों के निकाय ने आग्रह किया है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित न्यूनतम अवशेष सीमा के संबंध में सभी मापदंडों की जाच की जानी चाहिए । ऐसी चाय को एनएबीएल (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) प्रयोगशालाओं को परीक्षण के लिए निर्धारित किया जा सकता है।` 
चाय की एक महत्वपूर्ण मात्रा की असामान्य रूप से कम आयात कीमतों को देखते हुए, न्यूनतम आयात मूल्य तय करने पर विचार किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चाय भारतीय चाय के उत्पादन की लागत से अधिक कीमत पर आयात की जाती है । जो जो चाय रिएक्सपोर्ट के लिए आयात होती है वोही चाय एक्सपोर्ट होती है या भारतीय चाय के साथ मिला कर भारत मे बेची जा रही है , इस की बारीकी से तहेकिकाद होनी चाहिए ।

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