चर्म उत्पाद इकाइयों को पीएलआई स्कीम का मिलेगा लाभ

चर्म उत्पाद इकाइयों को पीएलआई स्कीम का मिलेगा लाभ
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । निर्यात इकाइयों के अग्रणी संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) की तरफ से कहा गया है कि वह निर्यात को बढावा देने के लिए नए उत्पादों और बाजारों पर ध्यान केद्रित करेगा।जिसके तहत अगले महीने तक के लिए निर्यात ऑर्डर बुकिंग की स्थिति उत्साहनक है बहरहाल नगदी संकट और नीतिगत मोर्चे पर अनिश्चितता के चलते निर्यातक आगे ऑर्डर लेने की स्थिति में नहीं है।ऐसे में केद्र सरकार को निर्यात बढाने को लेकर अविलम्ब प्रोत्साहन को और विस्तार देने की आवश्यकता है ताकि निर्यात के मोर्चे पर सकारात्मक रुख बना रह सकेगा। 
दरअसल फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने फियो की वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए ने कहा कि केद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक में कंटेनरों की कमी,शिपिंग लाइनों के बार-बार बंद होने और अत्यधिक माल ढुलाई दरों का मुद्दा उठाया गया है।इन दिक्कतों के चलते निर्यात पर प्रभाव पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि केद्र सरकार के समक्ष जो अन्य मुद्दे उठाए गए जिसमें निर्यात और घरेलू आवश्यकता के बीच संतुलन बनाने के लिए कच्चे माल की निर्यात नीति को युक्तिसंगत बनाना शामिल है।उन्होंने कहा कि माल ढुलाई दरों में 300 से 350 प्रतिशत की वृद्वि चिंता का विषय है।वहीं दक्षिण अमेरिका और पश्चिम अफ्रीकाि के कुछ देशों क zलिए इन दरों को 500 प्रतिशत तक बढाया गया है।वहीं फियो की तरफ से मांग की गई है कि जब तक माल ढुलाई की दरें कम नहीं होती है तब तक इन पर सब्सिडी दी जाए।वहीं एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) की तरफ से 20 सितम्बर 2021 को केद्र सरकार से एक्सपोर्ट प्रमोशन स्कीम रोडटेप के तहत टैक्स रिफंड की दरों पर पुनर्विचार का आग्रह किया है।वहीं चर्म निर्यात परिषद (सीएलई) ने केद्र सरकार से आग्रह किया है कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) स्कीम को चमड़ा,चमड़ा उत्पादों और फुटवियर क्षेत्र तक बढाया जाए।जिसको लेकर सीएलई की तरफ से कहा गया है कि ऐसा करने से न सिर्फ घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को बढावा मिलेगा बल्कि नए रोजगार पैदा होने के साथ निर्यात बढने में मदद मिलेगी।

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