खाद्यान्न जिंसों का उत्पादन 15.1 करोड़ टन होने का अनुमान

खाद्यान्न जिंसों का उत्पादन 15.1 करोड़ टन होने का अनुमान
धान, गन्ना व कपास की रिकॉर्ड पैदावार, अन्य फसलों की उपज अच्छी
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । चालू मानसून मौसम में चौतरफा अच्छी बरसात होने से खरीफ मौसम में खाद्यान्न जिंसों की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है।जिसके तहत खरीफ मौसम में धान,गन्ना और कपास की रिकॉर्ड पैदावार होने का अनुमान है।चालू खरीफ मौसम की बोआई लगभग समाप्त हो चुकी है जिसके आधार पर जारी प्रथम अग्रिम अनुमान के तहत खरीफ मौसम में इस बार कुल 15.1 करोड़ टन खाद्यान्न जिसें की पैदावार होगी।खाद्यान्न जिंसों की यह पैदावार 2020-21 फसल वर्ष के 14.9 करोड़ टन की तुलना में अधिक है। दरअसल खाद्यान्न जिंसों की पैदावार का प्रथम अनुमान जारी करते हुए केद्रीय कृषि मंत्री नरेद्र तोमर ने कहा कि चालू मानसून मौसम पूरे देश में जून में ही सक्रिय हो चुका था जिससे खरीफ मौसम की प्रमुख फसल धान की रोपाई समय से चालू हो गई थी।वहीं खरीफ मौसम की प्रमुख फसल धान,मोटे अनाज, मक्का, दलहन, तिलहन, कपास, जूट-पटसन और गन्ना होता है।इस बार धान,कपास और गन्ने के रिकॉर्ड उत्पादन होगा।उन्होंने कहा कि धान की रोपाई पहले हो जाने से देश के कई हिस्सों में फसल की कटाई भी अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से शुरु हो जाएगी।उन्होने कहा कि सरकारी योजनाओं के साथ कृषि विज्ञानियों व किसानों की मेहनत से खरीफ खाद्यान्न जिसों की पैदावार बंपर होने की उम्मीद है।जिसको लेकर केद्र सरकार ने किसानों के हितों के अनुकूल नीतियां बनाई है जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।वहीं खरीफ मौसम के प्रथम अनुमान को लेकर जारी आंकड़ों के तहत चालू खरीफ मौसम में दलहन फसलों की पैदावार पिछले साल के 87 लाख टन की तुलना में 95 लाख टन होगी।वहीं खरीफ मौसम की दलहन फसलों में अरहर प्रमुख होती है जिसकी पैदावार 44.3 लाख होने का अनुमान है।वहीं पिदले साल के खरीफ मौसम में अरहर की पैदावार 42.8 लाख टन हुई थी।इस बार मोटे अनाज की पैदावार में गिरावट दर्ज की जाएगी।चालू खरीफ मौसम में मोटे अनाज की बोआई का रकबा ज्ञट गया है जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा।वहीं पिछले साल मोटे अनाज की पैदावार 3.65 करोड़ टन हुई थी जो कि इस बार घटकर 3.4 करोड़ टन रहेगी।

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