टेक्सटाइल पीएलआई स्कीम में 60 प्र.श. तक वैल्यूएडिशन नार्म लगने की संभावना

टेक्सटाइल पीएलआई स्कीम में 60 प्र.श. तक वैल्यूएडिशन नार्म लगने की संभावना
लाभार्थी को आउट सोर्सिंग या जाबवर्क करने की नहीं मिलेगी छूट
हमारे प्रतिनिधि
नई दिल्ली। टेक्सटाइल के लिए 10683 करोड़ रु. के परफार्म्स लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की पात्रता के लिए उद्योग के मापदंड टेक्सटाइल मंत्रालय निश्चित कर रहा है। गार्म़ेंट मेन्युफैक्चरिंग, स्पीनिंग और विविंग प्रवृत्ति के लिए कम से कम 60 प्र.श. वैल्यूएडिशन मापदंड जबकि प्रोसेसिंग के लिए 30 प्र.श. जितना नीचे मापदंड रखने की तैयारी चल रही है।
पीएलआई लाभार्थी को आउटसोर्सिंग या जाबवर्क (कुछ प्रोसेसिंग या मेन्युफैक्चरिंग बाहर के स्वतंत्र वर्करों द्वारा करने की) छूट नहीं दी जाएगी। मेनमेड फाइबर्स और टेक्निकल टेक्सटाइल के लिए पीएलआई स्कीम को हाल ही में कैबिनेट ने मंजूरी दी है। अब टेक्सटाइल मंत्रालय अन्य मंत्रालयों और विभागों के साथ मिलकर दिशा निर्देश तैयार कर रही है।
पीएलआई स्कीम में वैल्युएडिशन क्राइटेरिया जोड़ने का उद्देश्य यह है कि स्थानीय में ही पर्याप्त उत्पादन हो और आयोजितरूप से रोजगार के अवसर बढ़ें।
प्रोसेसिंग के लिए वैल्यूएडिशन नार्म 30 प्र.श. ही रखने की तैयारी है। इसका कारण यह है कि प्रोसेसिंग में मार्जिन कम होता है, लेकिन वैल्यूम अधिक होता है। एक प्रोसेसिंग उद्योग हजारों गार्म़ेंट फैक्टरियों की आवश्यकता को पूरा करता है।
स्कीम की पात्रता के लिए दो प्रकार का निवेश संभव है। कोई व्यक्ति फर्म या कंपनी 300 करोड़ रु. का निवेश प्लांट, मशीनरी, इक्विपमेंट, सिविल वर्क में (जमीन और बिल्डिंग के बांधकाम का खर्च को अलग रखकर) करें तो स्कीम के प्रथम हिस्से के लिए पात्र ठहरता है। इसमें मोटीफाइड एमएमएफ कपड़ा, गार्म़ेंट और टेक्निकल टेक्सटाइल के उत्पादनों का उत्पादन होना चाहिए।दूसरे हिस्से में कोई भी व्यक्ति, फर्म या कंपनी कम से कम 100 करोड़ रु. के निवेश को तैयार हैं तो वह आवेदन करने के पात्र हैं।

© 2021 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer