दीपावली पर कारोबार अच्छा चलने की उम्मीद

हमारे संवाददाता
एकाएक तेजी की बाढ़ आ गई है। सभी तरफ तेजी का बोलबाला हो गया है। यार्न के भावों में वृद्धि से ग्रे क्लाथ की लागत का बढ़ना स्वाभाविक है, इससे तैयार माल की रेटों में इजाफे की बात समझी जा सकती है। अन्य खर्च़ों से भी अपार वृद्धि चिन्हित है। डीजल-पेट्रोल से ट्रान्सपोर्टेशन महंगा हो गया है। कोयले के भाव दुगने हो गये, कास्टिक व अन्य रंग-रसायनों में वृद्धि का सिल-सिला कभी से प्रारंभ है। गंभीरता से देखा जाय तो लगता है कि वत्र-रंगाई-छपाई उद्योग में प्रयुक्त सभी संबद्ध अवयवों के भाव अत्यधिक ऊंचाई पर आ गये हैं । परिणामत: उत्पादन के खर्च बहुत अधिक बढ़ गये हैं ।
उद्यमियों ने नई रेट लिस्टें जारी कर दी है। यद्यपि नई रेट लिस्ट के आधार पर भाव मार्केट में नहीं आ रहे हैं , परंतु तेजी की हवा के दबाव में व्यापारी कुछ न कुछ खरीदने के मूड में आ गये हैं । इससे लेवाली का चित्र उभरता नजर आ रहा है। सूत्र बताते हैं  कि इस स्थिति में उत्पादकों को नया भाव तो नहीं मिल रहा है, फिर भी कुछ पुराने भावों में और कुछ पुराने भावों व नये भावों के बीच के मूल्यों पर काम गतिशील होने के समाचार हैं । आगे त्योहारी व शादी-विवाह की सीजन आने से पापलीन नाईटी, सलवार सूट, कुर्ती, अस्तर क्लाथ, रुबिया, पाकेटिंग क्लाथ, थैली क्लाथ, केशमेन्ट, गूजरी, टाई-डाई व अन्य प्राय: सभी उत्पादनों में सुर्खी है। इससे लगता है कि कामकाज लेबर प्रोबलम के बाद भी ग्राहकी दमदार रह कर दिवाली का प्रकाश उल्लास वृद्धि का आधार बनेगा।
राजस्थान राज्य प्रदूषण बोर्ड के 13 सितम्बर 1921 के आदेश से बालोतरा औद्योगिक क्षेत्र के सभी सम्बद्ध कारखानें, जिनका निस्तारित पानी बालोतरा प्रदूषण नियंत्रक एवं निवारक संयंत्र शोधन हेतु स्वीकार करता, उसे बंद कर देने से उत्पादकों को भारी दिक्कतों का सामना करने को मजबूर होना पड़ा। इससे इस उद्योग पर आधारित श्रमिकों की हालत दयनीय हो गई। सभी परिस्थितियों की सटीक समीक्षा करने के बाद कतिपय शर्त़ों के साथ, विशेष प्रयासों से 1 अक्टूबर 2021 से पुन: उत्पादन प्रक्रिया बहाल की गई है। इससे औद्योगिक क्षेत्र में उल्लास की सुगन्ध को बल मिल रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र की विरानी में बहार लाने में सीईटीपी ट्रस्ट सदस्यों ने अपने मजबूत इरादों से राहत प्राप्त करने के प्रयास कर सफलता प्राप्त की, जो बधाई योग्य है। इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में क्षेत्रीय विधायक मदन प्रजापत का अहम रोल रहा बताया जाता है। स्मरण रहे विधायक मदन प्रजापत क्षेत्र के रंगाई-छपाई उद्योग को जीवन रेखा मान कर सदा उद्योगों के हित में समर्पित रूप से कार्य करने को अपना प्रथम कर्तव्य समझते रहे हैं । इस अभिनन्दनीय कार्य के लिये उद्यमी मुक्त कंठ से उनका अभिनन्दन कर रहे हैं । बंद का कार्यकाल बना रहता तो उद्यमियों को भारी क्षति से गुजरना पड़ता।

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