चीनी मिलों को एथेनॉल हेतु गन्ने के इस्तेमाल पर प्रोत्साहन

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने चीनी मिलों  के लिए बड़ी घोषणा की है। सरकार ने चीनी मिलों को एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन का ऐलान किया है। सरकार इस महीने से एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी मिलों को उनके नियमित कोटे के अतिरिक्त मंथली घरेलू बिक्री के लिए हस्तांतरित गन्ने की मात्रा के बराबर चीनी कोटे का आवंटन करेगी। बता दें कि सरकार देश में डिमांड और सप्लाई की स्थिति को बनाए रखने, चीनी की कीमतों को स्थिर रखने और घरेलू खपत की लिए पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जून 2018 से मिल-वार मंथली चीनी कोटा तय कर रही है। 
गौरतलब है कि चीनी मिलों के पास चीनी का कोटा उनके पास मौजूद स्टॉक, एक्सपोर्ट के प्रदर्शन और शुगर को एथेनॉल को बदलने के आधार पर तय किया जाता है. केंद्रीय खाद्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक गन्ना के रस, चीनी सिरप, बी-हेवी मोलेसेज और चीनी से एथेनॉल के प्रोडक्शन के लिए उपयोग किए गए चीनी पर प्रोत्साहन उनकी मंथली रिलीज कोटा को अक्टूबर 2021 से दोगुना कर दिया गया है। एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है जिसको पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में ईंधन की इस्तेमाल कर सकते हैं. सामान्तया एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने की फसल से की जाती है, लेकिन शर्करा वाली कई अन्य फसलों से भी इसको तैयार कर सकते हैं. बता दें कि 35 फीसदी कम कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन एथेनॉल के इस्तेमाल से होता है। बता दें कि एथेनॉल में 35 फीसदी ऑक्सीजन होता है।

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