दालों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने हेतु सरकार ने उठाया कदम

नई दिल्ली। उपभोक्ता मामले विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर 20 सितंबर, 2021 तक कम से कम 11,635 भंडारधारकों ने 30,97,694.42 मीट्रिक टन दालों के भंडार की घोषणा करते हुए पंजीकरण कराया गया है. बता दें कि उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का उपभोक्ता मामले विभाग 22 आवश्यक खाद्य वस्तुओं के खुदरा और थोक मूल्यों की निगरानी कर रहा है. विभाग कालाबाजारी पर अंकुश लगाने, निर्यात को प्रतिबंधित कर सप्लाई बढ़ाने और इंपोर्ट को प्रोत्साहित करना, बफर स्टॉक बनाना एवं कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी को लेकर भंडार जारी करने को लेकर सुनिश्चित कर रहा है।  
इस सिलसिले में खुले बाजार में उपलब्ध दालों के आंकड़ों का दोहन करना जरूरी था. इसलिए, माननीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल की मंजूरी के साथविभाग ने स्टॉकिस्ट, मिल मालिकों, आयातकों और डीलरों जैसे विभिन्न भंडार धारकों को किसी भी दी गयी तारीख पर अपने पास मौजूद भंडार की जानकारी देने की खातिर प्रोत्साहित करने के लिए एक पोर्टल तैयार किया है. व्यापारियों, मिल मालिकों, आयातकों, और सरकारी एवं निजी स्वामित्व वाले गोदामों के माध्यम से भंडार की घोषणा की मदद से एक डेटा बैंक बनाया जाएगा. इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि वे कौन से राज्य हैं जो कटाई-पिसाई-पेराई (मिलिंग) आदि उद्देश्यों के लिए उत्पादन और भंडारण करते हैं. भंडार संबंधी इस घोषणा और उस के रियल-टाइम सत्यापन के माध्यम से जमाखोरी और कृत्रिम कमी पैदा करने की अवांछनीय प्रथाओं पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी. डेटा की गोपनीयता बनाए रखी जाती है. राज्य और केंद्र सरकार के अलावा किसी भी भंडार धारक द्वारा घोषित डेटा उन्हें दिखाई देगा. डेटा उन्हें किसी भी तारीख को भंडारों की आवाजाही और उनके साथ भंडार की मात्रा जानने में मदद करता है. राज्य सरकारें अपने स्वयं के राज्यों से संबंधित विभिन्न हितधारकों द्वारा किए गए पंजीकरण और घोषित भंडार की निगरानी कर सकती हैं ।

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