तैयार मालों में 40-50 प्रतिशत की तेजी

हमारे संवाददाता
आलोच्य सप्प्ताह मे नोन डाईग व डाईंग सभी पक्रार की क्वालिट के धागो मे तेजी का रूख बना हुआ है। त्योहारो से पहले धागे की तेजी ने कपडा उत्पादको को हिलाकर के रख दिया हे। कपडा उपादको ने एडवास बैचे आर्डरो मे काफी नुकसान है। तेजी मंदी के चलते ही हले ही यहाँ की बडी संख्या मे पावरलूम मषीने बंद हो चुकी है। सूत मे गत वर्श की तुलना मे तीसे से चालिस प्रतिषत तक की धागे मे तेजी हे। तैयार मालो मे गत वर्श की तुलना मे चालिस से पचास प्रतिषत की तेजी है। बाजारो मे उधारी का प्रचलन तो कम हो रहा हे।  
 व्यापारिक सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सभी किस्म केडाईz व नोन डाईंग के धागो मे तेजी एकतरफा तेजी चल रही हे। 10 कोन,14 कोन, 18 कोन 20 कोन, 24 कोन, 2/20 कोन, 2/30 कोन, 2/40 कोन के धागो मे जिस कदर तेजी है। एकतरफा तेजी से थोक कपडा उत्पादक सबसे ज्यादा परेषान है। 
 कपडा उत्पादको का कहना है कि त्योहरो के समय पर आयी सूत की तेजी ने हिलाकर के रख दिया है। आटो मषीन पर कपडा बनाने वाले चिरदीप कौषिक ने बताया मषीनो को चलाने के उत्पादको को तैयार कपडे के सप्लायर व एक्सपोर्टरो को एंडवास मे सौदे किये जाते हे। धागे के भाव पडे हुए होने पर धागा जितना जरूरत होती है। उतना ही धागा खरीदा जाता है। सूत की आयी अचानक की तेजी के चलते ही उतना धागा खरीदना ही सम्भव नही होता है।  जिसके चलते ही कपडा उत्पादको को नुकसान का सामना करना पडता है। कपडा उत्पादको को मदे से तेजी आने के बाद दिसावर के कारोबारी व एक्सपोर्टर अपने मालो को जल्द से जल्द लेना चाहते है। मंदा आने पर तैयार मालो की सप्लाई को भी रोक देते है। कपडा उत्पादको तेजी मंदा की मार को ण्ग्लना पडता हे। कपडा कारोबारी अंकुर सिघल का कहना है कि अगर धागे मे तेजी मंदा नही हो तो कपडा उत्पादको को कोइz नुकसान नही होता है। हमेषा ही धागे के बाजार स्थिर रहने पर ही लाभ होता है।  कोरोना संक्रमण के बाद से बाजारो मे थोक कारोबारीअब नकद मे तैयार मालो को बैचने का जो प्रचलन बढ रहा ह। वह बाजारो व व्यापार के हित मे अच्दा संकेत कहा जा सकता है।नकद के चलते ही कारोबारी जरूरत के हिसाब से ही कपडा खरीदता है। 

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