टेक्निकल टेक्स. वत्रों में और बढ़ेगा नॉन-वोवन का वैश्विक कारोबार

टेक्निकल टेक्स. वत्रों में और बढ़ेगा नॉन-वोवन का वैश्विक कारोबार
भारतीय नॉन-वोवन के निर्यात में वृद्धि जारी रहने की संभावना
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । दुनिया अब कोरोना महामारी से उबर रही है।जिसके तहत कनाडा, मैक्सिकों, अमेरिका, जर्मनी, यूके सहित यूरोपीय देशों में कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम सफलता पूर्वक किया गया है।जिससे तकनीकी वस्त्र में गैर बुनाई का वैश्विक कारोबार बढने की उम्मीद है।वहीं भारतीय नॉनवॉवन का निर्यात 2021 की प्रथम छमाही में 8.49 प्रतिशत से बढकर 47.57 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।जिसमें अगले दो-तीन वर्ष़ों तक लगातार तेजी जारी रहने की उम्मीद है।
दरअसल वैश्विक स्तर पर 2020 की अंतिम तिमाही में नॉनवॉवन का औसत मासिक व्यापार 2.28 बिलियन डॉलर का था।वहीं 2021 की प्रथम छमाही में समान रहा।अब इसके 2021 की दूसरी छमाही में बढकर 2.38 अरब डॉलर के मासिक ऑसत तक पहुंचने की उम्मीद है जो कि 2021 की प्रथम छमाही में गैर बुनाई के मासिक औसत निर्यात की तुलना में 4.30 प्रतिशत की वृद्वि होगी।जिसके तहत स्वच्छता उत्पाद,वाइप्स,निर्माण सामग्री और खाद्य उत्पाद दुनिया भर में हर साल औसतन गैर बुनाई की कुल खपत का 60 प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं ।वहीं कोरोना महामारी के चलते 2020 में नॉन वॉवन्स में जोरदार उपयोग दर्ज किया है।अब लोग स्वच्छता और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों के उपयोग के प्रति अधिक सतर्क हो गए है।जिसके तहत तकनीकी वस्त्र श्रेणी के अग्रणी वैश्विक स्तर पर कारोबार किए जाने वाले उतशिद चिकित्सा-स्वच्छता,औद्योगिक, सुरक्षात्क औरऑटोमोटिव वस्त्र थे जहां गैर बुनाई एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।यह आने वाले दो से तीन साल तक जारी रहेगा।
वहीं 2020 में चीन, जर्मनी, अमेरिका, इटली और जापान दुनिया में नॉनवॉवन के अग्रणी निर्यातक थे और वैश्विक नॉनवॉवन निर्यात का 55.26 प्रतिशत हिस्सा था।वहीं 2021 में इसी प्रवृत्ति के जारी रहने की उम्मीद है बहरहाल अमेरिका के चीन के बाद दूसरे स्थान पर जाने की उम्मीद है।जिसके बाद जर्मनी,इटली और जापान का स्थान रहेगा।इन देशों से वैश्विक गैर बुनाई निर्यात में 56.02 प्रतिशत हिस्सेदारी का योगदान करने की उमीद है।वहीं 2020 में अमेरिका, जर्मनी, चीन, वियतनाम और जापान दुनिया में नॉनवॉवन के अग्रणी आयातक थे और वैश्विक नॉनवॉवन आयात का 33.28 प्रतिशत हिस्सा था।वहीं 2021 में इसी प्रवृत्ति के जारी रहने की उम्मीद है।बहरहाल चीन के अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर जाने की उम्मीद है।जिसके बाद जर्मनी,जापान और वियतनाम का स्थान रहेगा।इन देशों से वैश्विक गैर बुशिई आयात में 33.55 प्रतिशत हिस्सेदारी का योगदान करने की उम्मीद है।वहीं 2020 की अंतिम तिमाही में यूरोपीय देशों से नॉनवॉवन का मासिक औसत निर्यात 904.51 मिलियन डॉलर का था।यह 2021 की प्रथम छमाही में 1.27 प्रतिशत की वृद्वि के साथ थोड़ा बढकर 915.96 मिलियन डॉलर के मासिक औसत पर पहुंच गया।अब इसके 2021 की दूसरी छमाही में मासिक औसत 1,034.64 मिलियन डॉलर तक बढने की उम्मीद है जो क 2021 की प्रथम छमाही में मासिक औसत निर्यात से 12.96 प्रतिशत अधिक है।वहीं 2020 की अंतिम तिमाही में चीन में नॉनवॉवन का मासिक औसत निर्यात 625.25 मिलियन था।2021 की प्रथम छमाही में यह 8.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ मामूली रुप से गिकर 574.92 मिलियन डॉल्र के मासिक औसत पर आ गया।अब इसके 2021 की दूसरी छमाही में मासिक औसत 831.54 मिलियन तक बढने की उम्मीद है जिसमें 2021 की प्रथम छमाही में मासिक औसत निर्यात से 44.64 प्रतिशत की वृद्वि होगी।वहीं 2020 की अंतिम तिमाही में अमेरिका से नॉनवॉवन का मासिक औसत निर्यात 151.86 मिलियन डॉलर था।यह 14.45 प्रतिशत की वृद्वि के साथ 2021 की प्रथम छमाही में 173.80 मिलियन डॉलर के मासिक औसत तक बढ गया।अब इसके 2021 की दूसरी छमाही में मासिक औसत 255.61 मिलियन डॉलर तक बढने की उम्मीद है जो कि 2021 की प्रथम छमाही में मासिक औसत निर्यात से 47.07 प्रतिशत अधिक है।
वहीं 2020 की अंतिम तिमाही में भारत से नॉनवॉवन का मासिक औसत निर्यात 43.85 मिलियन था।यह 2021 की प्रथम छमाही में 8.49 प्रतिशत की वृद्वि के साथ 47.57 मिलियन डॉलर के मासिक औसत तक पहुंच गया।जिसमें 2021 की प्रथम छमाही में मासिक औसत निर्यात से 11.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2021 की दूसरी छमाही में इसके गिरकर 42.27 मिलियन डॉलर के मासिक औसत पर जाने की उम्मीद है।बहरहाल जैसा कि कोरोना को लेकर भारत की स्थिति वैश्विक स्तर पर काफी अच्छी बन गई है।जिससे भारतीय नॉनवॉवन का निर्यात अगले दो-तीन वर्ष़ों तक लगातार वृद्वि होने के आसारन नजर आ रहा है।

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