सरसों की सितंबर में क्रशिंग पांच लाख टन

सरसों की सितंबर में क्रशिंग पांच लाख टन
जयपुर। देश में सरसों की क्रशिंग सितंबर में गिरकर पांच लाख टन रही जो अगस्त में 5.50 लाख टन थी। जबकि, देश में 30 सितंबर 2021 को किसानों के पास सरसों का कुल स्टॉक 14.75 लाख टन होने का अनुमान है। जबकि, प्रोसेसर्स और स्टॉकिस्टों के पास 3.75 लाख टन सरसों का स्टॉक है। यह जानकारी मरुधर ट्रेडिंग कंपनी, जयपुर के प्रमुख अनिल चतर ने दी। 
उन्होंने बताया कि सितंबर में सरसों की आवक घटकर 4.25 लाख टन रही जो अगस्त में 4.50 लाख टन, जुलाई में 5 लाख टन, जून में 5.50 लाख टन थी। सितंबर में हुई आवक में उत्तर प्रदेश में 70 हजार टन, राजस्थान में 1.50 लाख टन, पंजाब/हरियाणा 65 हजार टन, गुजरात 15 हजार टन, मध्य प्रदेश 40 हजार टन, पश्चिम बंगाल, बिहार एवं अन्य राज्यों में 85 हजार टन सरसों की आवक हुई। इस तरह फरवरी से सितंबर तक सरसों की कुल आवक 63.25 लाख टन हुई। चालू सीजन में सरसों की कुल उपलब्धता 86 लाख टन की है, जिसमें पिछले का बकाया एक लाख टन स्टॉक शामिल है। चालू सीजन में कुल उत्पादन लगभग 85 लाख टन का होने का अनुमान है। बीते रबी सीजन में यह उत्पादन 69 लाख टन था। 
बता दें कि सरसों की बोआई सितंबर-अक्टूबर में शुरु होती है एवं नई सरसों की आवक फरवरी से शुरु हो जाती है। मार्च से इसकी आवक में तेजी आती है लेकिन जून से ऑफ सीजन शुरु हो जाने से इसकी आवक सुस्त पड़ जाती है। देश में कुल पैदा होने वाली तिलहन में सरसों की हिस्सेदारी 25 फीसदी होती है। फसल वर्ष 2020-21 में उत्तर प्रदेश में 13.50 लाख टन, राजस्थान में 35 लाख टन, पंजाब/हरियाणा में 9.50 लाख टन, गुजरात में 4 लाख टन, मध्य प्रदेश में 8.50 लाख टन और पश्चिम बंगाल, पूर्वी भारत एवं अन्य राज्यों में 14.50 लाख टन सरसों पैदा होने का अनुमान है।

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