दशहरा के बाद अधिकांश : राज्यों में रबी फसलों की बोआई होगी शुरू

दशहरा के बाद अधिकांश : राज्यों में रबी फसलों की बोआई होगी शुरू
अधिक बारिश से रबी फसलों की बोआई विलंबित
सरसों की रिकॉर्डतोड़ बोआई होने की उम्मीद
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । चालू रबी फसल मौसम का आगाज तो हो चुका है।बहरहाल इस बार देश के अधिकांशत: भू-भाग में मानसून के उतरार्द्व में बारिश की अधिकता रही है।जिससे देश के अधिकांशत: राज्यों में रबी फसलों की बोआई विलंबित हो रखी है और दशहरा के बाद ही रबी फसलों की बीआई की शुरुआत होगी।बहरहाल देश के चुनिंदा उत्पादक राज्यों में ही रबी फसलों की बोआई को लेकर सक्रिय हो रखें हैं  जिसके तहत अगले सप्ताह तक बोआई के आंकड़े आने शुरु होंगे।वैसे तो इस बार खेतों में नमी की अधिकता के चलते देर से ही सही लेकिन रबी फसलों की बोआई बेहतर होगी।वहीं इस बार तिलहन व खाद्य तेलों की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर है।ऐसे में सरसों की बोआई शानदार होने की उम्मीद है।
दरअसल इस बार मानसून के उतरार्द्व में यानी सितम्बर माह में देश के अधिकांशत: राज्यों में बारिश अच्छी खासी हुई थी। जिससे देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में रबी फसलों की बोआई करने वाली खेतों में नमी की अधिकता बनी हुई है।जिससे रबी फसलों की बोआई विलंबित हो रही है।बहरहाल देश के चुनिंदा उत्पादक राज्यों में किसानों की तरफ से रबी फसलों की बोआई को लेकर खेतों में जुताई आदि का कार्य की शुरुआत कर रखी है और चुनिंदा रबी फसलों की बोआई की सुगबुगाहट शुरु भी हो गई है।जिसकी सटीक जानकारी अगले सप्ताह तक मिलने की उम्मीद की जा रही है।हालांकि उत्तर भारत के विभिन्न उत्पादक राज्यों जैसे कि पंजाब,हरियाणा,पश्चिमी उत्तर व राजस्थान सहित मध्य प्रदेश,गुजरात आदि राज्यों में रबी फसलों की बोआई दशहरा के बाद शुरु होने की उम्मीद है।जिसमें इस बार सरसों की बोआई शानदार होने की उम्मीद है क्योंकि तिलहन और खाद्य तेलों की कीमत रिकॉर्डस्तर पर रही है।जिससे किसानों का मनोबल बढ रखा है और सरसों,लाही और तोरिया सहित सूर्यमुखी जैसी तिलहनों की बोआई अधिकाधिक क्षेत्रों में किए जाने को लेकर किसान विशेष रुप से उत्सुक हैं ।वैसे भी चालू रबी फसल विपणन मौसम को लेकर केद्र सरकार की तरफ से सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 225 रुपए बढकर 4650 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर रखा है।बहरहाल राजस्थान जैसे उत्पादक राज्यों के खुले बाजार में सरसों हाजिर में बतौर 8500 रुपए क्विंटल तक बिक रखी है।इसीबीच सरसों की तेजी को थामने को लेकर केन्द सरकार की तरफ से सरसों के वायदा कारोबार पर 8 अक्टूबर 2021 से प्रतिबंध लगा दिया है।जिसके बावजूद सरसों में मंदी के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं ।वहीं चालू रबी फसल मौसम में मुख्य रुप से गेहूं,बाजरा,चना,मसूर जैसी फसलों की बोआई होनी है।जिसके तहत मसूर और चना की बोआई में किसानों की अच्छी खासी दिलचस्पी रहेगी क्योंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य की तुलना में बाजार भाव काफी अधिक है।जिससे किसानों को इन जिंसों को कमोबेश बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहे हैं ।जिससे रबी फसलों में तिलहन और दलहनों की बोआई बेहतर होने की उम्मीद बनी हई है।
वहीं गेहूं और बाजरा की बोआई को लेकर किसान विशेष रुप से उन्मुख हैं  और खेतें में नमी छंटते ही बोआई की शानदार शुरुआत करने की ओर उन्मुख होंगे,जिसको लेकर किसानों की तरफ से मौसम अनुकूल यानी खेतों में बोआई को लेकर हालात अनुकूल होने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।चूंकि केद्र सरकार की तरफ से किसानों की आय बढाने हेतु प्रतिबद्व है और रबी फसलों को लेकर इस बार भी एमएसपी में अच्छी खासी वृद्वि् की गई है जिससे किसान बेहतर उत्साहित नजर आ रहे हैं  और रबी फसलों की बोआई को लेकर विशेष रुप से सक्रिय हो रखें हैं  और शानदार बोआई करने को लेकर सुसज्य हैं।   

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