सोयाबीन की उपज में 14% वृद्धि का अनुमान

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । सोयाबीन का प्रसंस्करण करने वाली कंपनियों के एक संगठन ने अनुमान जताया है कि देश में वर्तमान खरीफ सत्र के तहत औसत उत्पादकता में इजाफे के चलते सोयाबीन की उपज लगभग 14 प्रतिशत बढकर लगभग 119 लाख टन पर पहुंच सकती है।मौजूदा सत्र में सोयाबीन का रकबा 120 लाख हेक्टेयर के आसपास होने की संभावना जताई है।
दरअसल सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने सोयाबीन फसल की उपज को लेकर अपने प्रथम अग्रिम अनुमान में ये आंकड़े जाहिर किए हैं ।यह अनुमान सोपा के अंतरराष्ट्रीय सोयाबीन सम्मेलन में 10 अक्टूबर 2021 को घोषित किया गया।जिसमें सोपा के अनुमान के तहत 2020 के खरीफ सत्र में देश में लगभग 118.4 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोया गया था और सोयाबीन फसल का उत्पादन 104.5 लाख टन के स्तर पर रहा था।सोपा के आंकड़ों के तहत मौजूदा खरीफ सत्र के तहत देश में सोयाबीन की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता औसतन 991 किलोग्राम रहने का अनुमान है जो कि पिछली बार की तुलना में 12.25 प्रतिशत अधिक है।वहीं 2020 के खरीफ सत्र में सोयाबीन की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता राष्ट्रीय स्तर पर औसतन 883 किलोग्राम आंकी गई थी।वहीं केद्र सरकार ने 2021-22 के खरीफ विपणन सत्र के लिए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 3950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।ऐसे में एमएसपी की यह दरन पिछले सत्र की तुलना में 70 रुपए प्रति क्विंटल अधिक है।

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