चावल उत्पादन और निर्यात बढ़ेगा

वाशिंग्टन। अमरीकी कृषि विभाग (यूएसडीए) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में वर्ष 2021-22 में भारत में चावल के उत्पादन में खासा इजाफा होने का अनुमान जताया है जबकि, एशियाई और अफ्रीकन देशों में खपत बढ़ने की संभावना है। चीन और भारत की वजह से चावल के वैश्विक स्टॉक में बढ़ोतरी का अनुमान है। भारत से चावल का निर्यात बढ़ने और चीन, नेपाल और फिलिपींस का आयात बढ़ने के आसार हैं। बता दें कि दुनिया के कुल चावल स्टॉक का चीन के पास 65 फीसदी और भारत के पास 16 फीसदी चावल का स्टॉक रहता है। 
यूएसडीए का कहना है कि पिछले महीने अमरीकी चावल का भाव 600 डॉलर प्रति टन और  उरुग्वे का चावल 580 डॉलर प्रति टन पर स्थिर रहा। थाईलैंड का चावल कमजोर मांग से चार डॉलर घटकर 397 डॉलर, जबकि वियतनाम का चावल 23 डॉलर चढ़कर 425 डॉलर प्रति टन ऑफर हो रहा था। पाकिस्तानी चावल सात डॉलर बढ़कर 370 डॉलर प्रति टन पर ऑफर हो रहा था जबकि भारतीय चावल 30 डॉलर घटकर 350 डॉलर प्रति टन बोला गया जो सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी है।   यूएसडीए ने वर्ष 2021-22 में भारत में चावल का उत्पादन 12.50 करोड़ टन होने का अनुमान जताया है जो वर्ष 2020-21 में 12.22 करोड़ टन रहा। भारत में चावल उत्पादन वर्ष 2019-20 में 11.88 करोड़ टन था। भारत से वर्ष 2020-21 में चावल निर्यात दो करोड़ टन रहा जो वर्ष 2021-22 में 1.75 करोड़ टन रह सकता है। यह निर्यात वर्ष 2019-20 में 1.45 करोड़ टन था। 
यूएसडीए ने समूचे विश्व में वर्ष 2020-21 में 50.64 करोड़ टन चावल पैदा होने की बात कही जो वर्ष 2021-22 में 51.06 करोड़ टन पहुंच सकता है। वर्ष 2019-20 में यह उत्पादन 49.82 करोड़ टन था। 
यूएसडीए ने बांग्लादेश में वर्ष 2020-21 में चावल उत्पादन 3.46 करोड़ टन और वर्ष 2021-22 में 3.62 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया है। ब्राजील में चावल का उत्पादन वर्ष 2020-21 में 80.01 लाख टन एवं वर्ष 2021-22 में 80.24 लाख टन रहने का अनुमान है। अमरीका में वर्ष 2020-21 में 72.26 लाख टन, चीन में 14.83 करोड़ टन, म्यांमार (बर्मा) में 1.26 करोड़ टन, फिलीपिंस में 1.24 करोड़ टन, इंडोनेशिया में 3.53 करोड़ टन चावल का उत्पादन हुआ। जबकि, अमरीका में वर्ष 2021-22 में 60.50 लाख टन, चीन में 14.90 करोड़ टन, म्यांमार (बर्मा) में 1.26 करोड़ टन, फिलीपिंस में 1.23 करोड़ टन, इंडोनेशिया में 3.53 करोड़ टन चावल का उत्पादन होने का अनुमान है। 
चावल की कुल वैश्विक खपत वर्ष 2020-21 में 50.29 करोड़ टन रही जबकि वर्ष 2021-22 में यह 51.23 करोड़ टन रहने का अनुमान है। वर्ष 2020-21 में चावल का वैश्विक अंतिम स्टॉक 18.52 करोड़ टन रहा। वर्ष 2021-22 में यह 18.36 करोड़ टन रहने की संभावना है। यह वर्ष 2019-20 में 18.17 करोड़ टन रहा। भारत में वर्ष 2020-21 में चावल का अंतिम स्टॉक 3.45 करोड़ टन रहा। यह स्टॉक वर्ष 2021-22 में 3.50 करोड़ टन रह सकता है। वर्ष 2019-20 में भारत में चावल का अंतिम स्टॉक 3.39 करोड़ टन रहा। चावल आयात की बात की जाएं तो वर्ष 2020-21 में चीन का 40 लाख टन, यूरोपीयन देशों का 18 लाख टन, ईरान का 10.50 लाख टन, इराक का 11.50 लाख टन, मलेशिया का 11 लाख टन, सऊदी अरब का 15 लाख टन, फिलिपींस का 23 लाख टन, सेनेगल का 11.50 लाख टन और संयुक्त अरब अमीरात का आयात 8.50 लाख टन रहा। जबकि, वर्ष 2021-22 में चावल आयात चीन का 40 लाख टन, यूरोपीयन देशों का 20 लाख टन, ईरान का 13 लाख टन, इराक का 12 लाख टन, मलेशिया का 11 लाख टन, सऊदी अरब का 14 लाख टन, फिलिपींस का 22 लाख टन, सेनेगल का 10 लाख टन और संयुक्त अरब अमीरात का आयात 9 लाख टन रहने का अनुमान है।

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