खाद्यतेलों पर महंगाई नियंत्रित करने की कवायद

खाद्यतेलों पर महंगाई नियंत्रित करने की कवायद
क्रुड खाद्यतेल पर आयात ड्यूटी समाप्त
हमारे संवाददाता
केंद्र सरकार के रेवेन्यू और वित मंत्रालय द्वारा जारी नोटीफिकेशन में आयातित कच्चे खाद्य तेल पर लगने वाली आयातित ड्यूटी को समाप्त कर दिया है । दूसरे अन्य आयातित रिफाइंड तेलो पर कोई 16.5 प्रतिशत से 19.5 प्रतिशत तक की कमी कर देने से खाद्य तेलो के व्यवसाईयों में हडकंप मच गया है । आयातित तेलो पर लगने वाले इंफ्रा सेस  में भी लगभग 13से 15 प्रतिशत तक की कमी कर दी है । इससे गत् हप्ते मंगलवार से भारतीय वायदा बाजार एनसीडीईएक्स में खाद्य तेलो में छाई नरमी  पर  बुधवार को भी वायदा बाजार में भारी नरमी का तडका लग गया । सरकार द्वारा खाद्य तेलो पर बढ रही भारी महंगाई पर लगाम कसने हेतु यह कदम उठाया है । केंद्र सरकार ने राज्यों को भी निर्देश किया है कि  खाद्य तेलो के खुदरा दामो में 15-20 रू तक की  कटौती करवाएं । केंद्र द्वारा की गई आयात शुल्क कटौति का लाभ राज्य सरकारें जनता-ग्राहकों को पहुचाना सुनिश्चित करे । केंद्र सरकार द्वारा  एक पखवाडे पूर्व  तिलहन -तेलो के स्टॉक लिमिट पर  सरकारी नोटीफिकशन हुआ था उसके असर से व्यापार जगत द्वारा  एक -दो दिन तो खाद्य तेलो पर मंदी रही मगर बाद में पुन: सटोरियो की देन से सटटा् प्रवृत्ति में तेजी बढने लगी थी । हाजिर तेल बाजार मे ंतेजडिये की भावो को तेजी देने में लग में पकड थी  बताए जा रहे थे । सरकार द्वारा शुलक कटौति और कमी से  पिछले दो दिन बुघवार '-गुरूवार मे ं सोया तेल पर कोई 90 रू तक की कमी प्रति दस किलो टीन पर आना बताई जा रही थी ।  व्यापारिक क्षैत्रों से मिली खबर अनुसार  सरकार के कडाई  से आगे आने वाले दिनो मे निश्चित ही खाद्य तेलो में त्योहारो पर मंदी रह सकेगी ।  सोया तेल 1275-1280 और पाम तेल मुंबई 1240 -1245 रू तक थोक में मंदी मे ंहोना बताए जा रहे थे । मुंगफली तेल और सरसों तेल में भी  30-30 रू प्रति टीन में गिरावट रही है ।  सरकार के द्वारा उठाये गये ड्यूटी मे ंकमी के कदम से क्या त्योहारी सीजन में खाद्य तेल भावो पर और नरमी आ सकेगी और क्या  ल्रंबे समय तक यह टिकी रह सकेगी  ? बडा प्रश्न  जनता से सरकार के सामने है ! त्योंहार सीजन मे ं खाद्य पदार्थो की श्रेणी मे ंखाद्य तेल की ही मांग सबसे अधिक रहती है  । तो क्या उत्पादक और सटटा् व्यवसाई  जनता हित में  खाद्य तेल भाव में लंबी नरमी आने देंगे ? भारत में  सरकार द्वारा की गई आयात शुल्क मुक्ति से  विदेशी उत्पादक देशो के वायदा बाजारो में भारतीय वायदा बाजार की तुलना में  भारी तेजी रही । इधर सरकार की आयात ड्यूटी मे ंकमी और उधर विदेशो में भावों में उछाले । भारत में हुई आयात पर ड्यूटी समाप्ती और कमी से मलेशिया वायदा बाजार में पाम तेल पर गत् बुधवार को जबरजस्त तेजी में केएलसी 54 पाइंट प्लस होकर  5154 रिंगिट उपर होकर बंद रही । शिकागो  वायदा बाजार भी प्लस मे ंचल रहा बताया जा रहा था । हांलाकि दूसरे दिन गुरूवार को केएलसी में भारी गिरावट 144 पाइंट की भी रही । जिसका कारण वहां मांग में गिरावट रही होने से  वायदा गिरा बताते है । वाकपटुक जनता के अनुसार  विदेशी वायदा बाजारों  की भविष्य मे ंबढती तेजी आयातको को भाएंगी  ? उधर से  आयात पर भारत में भाव की पिरियाटी नही बैठने का हल्ला व्यापार जगत करेगा और धीरे धीरे भाव फिर सटटे् में बढने लगेगे । जनता को  सरकार के कदम का लाभ लंबे समय तक नही मिल पाऐगा  । ऐसा होता आया है और जनता मजबूर रहती है । विदेशी वायदा बाजार मलेशिया बुर्सा में गत् वर्ष आलोच्य अवधि में  केएलसी  2930 तक थी  जो  5150 इंडेक्स को इस वर्ष  छू गयी है ।    
 

© 2021 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer