भारत में वर्ष 2021-22 में तिलहन उत्पादन घटेगा : यूएसडीए

भारत में वर्ष 2021-22 में तिलहन उत्पादन घटेगा : यूएसडीए
वाशिंग्टन। अमरीकी कृषि विभाग (यूएसडीए) ने वर्ष 2021-22 के लिए जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में कुल तिलहन उत्पादन 392.22 लाख टन रहने का अनुमान जताया है, जबकि पिछले महीने यह अनुमान 396.35 लाख टन था। वर्ष 2020-21 में तिलहन उत्पादन 384.92 लाख टन रहने का अनुमान है। वर्ष 2021-22 में तिलहन उत्पादन में यह कमी सोयाबीन और कॉटन सीड की पैदावार कम होने से रहेगी। भारत में तिलहन की उपज वर्ष 2019-20 में 363.89 लाख टन थी। 
यूएसडीए रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2021-22 में कॉटन सीड का उत्पादन पिछले महीने के आंकलन 121 लाख टन से घटकर 118.87 लाख टन रहने का अनुमान है। मूंगफली की उपज 68 लाख टन, रेपसीड का उत्पादन 85 लाख टन, सोयाबीन की पैदावार 110 लाख टन, सनफ्लावर की पैदावार 2.25 लाख टन एवं अन्य तिलहन की उपज 8.10 लाख टन रहने का अनुमान है।  
भारत में वर्ष 2020-21 में कॉटन सीड का उत्पादन 118.87 लाख टन, मूंगफली की उपज 67 लाख टन, रेपसीड का उत्पादन 85 लाख टन, सोयाबीन की पैदावार 104.50 लाख टन, सनफ्लावर की पैदावार 1.85 लाख टन एवं अन्य तिलहन की उपज 7.70 लाख टन रहने का अनुमान है। वर्ष 2019-20 में कॉटन सीड का उत्पादन 125.24 लाख टन, मूंगफली की उपज 62.55 लाख टन, रेपसीड का उत्पादन 74 लाख टन, सोयाबीन की पैदावार 93 लाख टन, सनफ्लावर की पैदावार 1.40 लाख टन एवं अन्य तिलहन की उपज 7.70 लाख टन रही। 
यूएसडीए रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में वर्ष 2021-22 में कॉटन सीड ऑयल की घरेलू खपत 14.05 लाख टन, पाम ऑयल की घरेलू खपत 85 लाख टन, रेपसीड 29.70 लाख टन, सोया तेल 53.50 लाख टन, मूंगफली तेल की खपत 11.50 लाख टन, सनफ्लावर ऑयल की खपत 26.50 लाख टन एवं अन्य तेलों की खपत 6.17 लाख टन रहने की संभावना है। 
भारत में वर्ष 2020-21 में कॉटन सीड ऑयल की घरेलू खपत 14.05 लाख टन, पाम ऑयल की घरेलू खपत 86.91 लाख टन, रेपसीड 27.20 लाख टन, सोया तेल 52.77 लाख टन, मूंगफली तेल की खपत 11.70 लाख टन, सनफ्लावर ऑयल की खपत 24.50 लाख टन एवं अन्य तेलों की खपत 6.17 लाख टन रहने की संभावना है। भारत में वर्ष 2019-20 में कॉटन सीड ऑयल की घरेलू खपत 13.95 लाख टन, पाम ऑयल की घरेलू खपत 83.67 लाख टन, रेपसीड 27.70 लाख टन, सोया तेल 51.12 लाख टन, मूंगफली तेल की खपत 11.60 लाख टन, सनफ्लावर ऑयल की खपत 27 लाख टन एवं अन्य तेलों की खपत 5.87 लाख टन रही। 
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वर्ष 2021-22 में पाम तेल का आयात 83 लाख टन आंका गया है जो 2020-21 में 80 लाख टन रहा। वर्ष 2019-20 में यह आयात 73.98 लाख टन रहा। इसी तरह भारत में सोयाबीन ऑयल का आयात वर्ष 2019-20 के 36.26 लाख टन की तुलना में वर्ष 2020-21 में 36 लाख टन रहा। यह वर्ष 2021-22 में 36.25 लाख टन पहुंच सकता है। रेपसीड ऑयल का आयात वर्ष 2021-22 में 80 हजार टन, (वर्ष 2020-21 में  80 हजार टन), सनफ्लावर ऑयल का आयात वर्ष 2021-22 में 27 लाख टन (वर्ष 2020-21 में 22.50 लाख टन) रहने का अनुमान है। जबकि, अन्य तेलों का आयात वर्ष 2020-21 के 1.43 लाख टन के समान ही वर्ष 2021-22 में बने रहने की संभावना है। इस तरह कुल तेल आयात वर्ष 2020-21 में 140.44 लाख टन रहा जो वर्ष 2019-20 के लिए 137.33 लाख टन आंका गया। यह वर्ष 2021-22 में 148.49 लाख टन रहने का अनुमान है।

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