दीवाली से पूर्व ही टाटा की स्वामित्व में आएगी एयर इंडिया

दीवाली से पूर्व ही टाटा की स्वामित्व में आएगी एयर इंडिया
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । टाटा संस ने घाटे में चल रही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के लिए बोली जीत ली है।जिसको लेकरकेद्रीय नागर विमानन सचिव राजीव बंसल ने कहा कि एयर इंडिया के विनिवेश की प्रक्रिया अगले सप्ताह तक पूरी हो सकती है और तब तक सिर्फ आवश्यक राजस्व तथा पूंजीगत व्यय किए जाने चाहिए।उल्लेखनीय है कि राजीव बसंल एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं ।
दरअसल एयर इंडिया के लिए टाटा संस ने 18 हजार करोड़ रुपए की बोली लगाई।वहीं स्पाइसजेट के अजय सिंह ने 15 हजार करोड़ रुपए की बोली लगाई थी।इससे पहले निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा था कि यह ट्रांजेक्शन दिसम्बर 2021 तक पूरा हो जाएगा।टाटा के हाथ एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की कमान आएगी।टलेश प्राइवेट लिमिटेड के जरिए टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के लिए बोली लगाई थी।इस कंपनी की स्थापना मुख्य रुप सें इसी काम के लए अगस्त 2020 में की गई थी।चूंकि एयर इंडिया स्पेसिपिक अल्टरनेटिव मैकेनिज्म (एआईएसएएम) पैनल ने एयर इंडिया की वित्तीय बोली पर फैसला लिया है।इस पैनल में केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई महत्वपूर्ण मंत्री और अधिकारी शामिल है।जिसको लेकर दीपम के सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा कि एयर इंडिया पर टोटल डेट 46262 करोड़ रुनण् का है।यह आंकड़ा मार्च 2021 तक का है।वहीं अगस्त के अंत तक यह आंकड़ा बढकर 61562 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।केद्र सरकार को इस डील में 2,700 करोड़ रुपए का नगद मिलेगा। इस समय एयर इंडिया 4400 घरेलू उड़ानें और विदेशों में 1800 लøडिंग और पार्किंग स्लॉट को कंट्रोल करती है।एयर इंडिया विमानन कंपनी की 68 साल के बाद घर वापसी हुई हे।टाटा समूह ने अक्टूबर 1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से एयर इंडिया की शुरुआत की थी।वहीं 1947 में देश की आजादी के बाद एक राष्ट्रीय एयरलाइंस की जरुरत महसूस हुई थी।जिससे भारत सरकार ने एयर इंडिया में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया था।जिसके बाद 1953 में भारत सरकार ने एयर कॉपोरेशन एक्ट पास किया और फिर टाटा समूह से इस कंपनी में बहुलांश हिस्सेदारी खरीद ली थी।फिर इसे एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बना दिया गया।

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