सूखा मेवा, मसाला का आयात न्हावा शेवा से होगा

सूखा मेवा, मसाला का आयात न्हावा शेवा से होगा
आयात में देरी होगी और खर्च भी बढ़ेगा
स्मिता जानी
मुंबई। अदाणी के मुंदा सहित सभी बंदरगाहों से अफगानिस्तान, इरान और पाकिस्तान से आने वाले कंटनरों को न उतारने दे के निर्णय के बाद इन देशों से आने वाला सूखा मेवा और अन्य सामान दूसरे बंदरगाह से लाने की संभावना व्यापारिक सूत्रों ने व्यक्त की है। अदाणी बंदरगाह के इस निर्णय से सूखा मेवा का आयात अवरुद्ध नहीं होगा बल्कि बाजारों में माल पहुंचने में थोड़ा विलंब होगा और महंगा होने की संभावना भी व्यापारियों ने `व्यापार' के समक्ष व्यक्त की है। मुंद्रा में आए अदाणी बंदरगाह पर अफगानिस्तान से आए कंटेनरों में 21 हजार करोड़ रु. कीमत की 3000 किलो हेरोइन जप्त होने के बाद अदाणी कोर्ट से 15 नवंबर से उनके टर्मिनल पर इरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से भेजा गया माल उतारा नहीं जाएगा, ऐसी घोषणा की है। इन तीनों देशों से हमें वहां सूखा मेवा तथा मसाले का आयात किया जाता है।
सूखा मेवा के दिल्ली के आयातक अदाणी पोर्ट्स के बदले दिल्ली-तुगलकाबाद स्थित इनलøड कंटेनर डिपो (आईसीडी) में माल मगाएंगे अथवा तो मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर आयात होगा। इससे शीघ्र ही आपूर्ति कम हो सकती है। माल 5 से 6 दिन जितना देरी से मिलने की संभावना है, लेकिन आयात अवरुद्ध नहीं होगा, उक्त जानकारी वाशी की एपीएमसी स्थित कोमल एक्जोइटिक स्पाइसीस के अध्यक्ष गोपालभाई आहुजा का कहना है कि मुंद्रा बंदरगाह से आयात बंद होने से मुंबई के आयातकों को न्हावा शेवा में माल मंगाना पड़ेगा। उन्हें आयातित डाक्यूमेंट मुंद्रा बंदरगाह के स्थान पर न्हावा शेवा ट्रांसफर करना पड़ेगा। इससे थोड़ा खर्च बढ़ जाने से सूखा मेवा का भाव बढ़ सकता है, लेकिन आयात पर कोई असर नहीं होगा, तथा आपूर्ति भी बरकरार रहेगी, ऐसी जानकारी साराह इंटरनेशनल के गुलामभाई गोर्डिल ने दी।
अदाणी बंदरगाह पर सूखा मेवा का आयात नहीं होगा तो दूसरे बंदरगाह पर आयात किया जा सकेगा। जैसे कि मुंबई के व्यापारी न्हावा शेवा बंदरगाह पर आयात कर सकते हैं । इससे न्हावा शेवा बंदरगाह पर कामकाज बढ़ जाएगा तो बंदरगाह के अधिकारियों की चेकिंग की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। दूसरे बंदरगाह पर आयात होता रहेगा। हालांकि बाजार में आपूर्ति की कमी होने की संभावना प्रतीत नहीं होती। व्यापारियों को थोड़ी तकलीफ होगी। आयात होता रहेगा ऐसा एपीएमसी के खजूर के आयातक ने बताया।
इरान और अफगानिस्ता से अपने यहां मुख्य रूप से सूखा मेवा का आयात होता है। व्यापारियों को अपना माल अन्य बंदरगाह से लाने के लिए नए सिरे से व्यवस्था करनी होगी। इससे थोड़ा खर्च बढ़ेगा तो भाव भी बढ़ने की संभावना है। आयातित माल प्राप्त करने में पहले की तुलना में समय भी अधिक लग सकता है, ऐसी जानकारी माताजी ट्रेडिंग ने अर्जुन चौधरी ने दी।
अदाणी पोर्ट्स के बदले अन्य बंदरगाह पर आयात हो सकता है। वहां आयातित माल को क्लीयर करने का भार बढ़ जाएगा। इससे माल क्लीयर करने में सामान की तुलना में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। इससे डय़ूमरेज भी लगाने की संभावना है। परिणामस्वरूप आयातित खर्च बढ़ सकता है। कंडला बंदरगाह पर जिस तेजी से कामकाज है, ऐसी सेवा अन्य बंदरगाहों पर नहीं है।
संक्षिप्त में अन्य बंदरगाह पर रोका नहीं जाएगा या अवरोध नहीं होगा, लेकिन माल क्लीयर होने में विलंब हो सकता है ऐसी जानकारी मस्जिद बंदर स्थित ठक्कर ब्रदर्स के मेवा वाला की योगेश गणात्रा ने दी।
व्यापारियों को कंडला बंदरगाह के बदले अन्य बंदरगाह पर माल मंगाने की कार्यवाही करनी होगी जिससे थोड़ा बहुत कामकाज बढ़ जाएगा। ऐसी जानकारी एपीएमसी स्थित खारावाला प्रोडक्ट्स के सिद्धार्थ खारावाले ने दी।
कंडला बंदरगाह पर आयात नहीं किया जा सकेगा तो व्यापारी अन्य बंदरगाह से व्यापार शुरू करेंगे। आयात अन्य बंदरगाह पर ट्रांसफर करने से माल मिलने में थोड़ा विलंब हो सकता है खर्च भी बढ़ सकता है, लेकिन आयात में समस्या नहीं होगी। व्यापारी जिस शहर में होंगे वहां माल का आयात करने की कार्यवाही में थोड़ा बहुत समय लग सकता है। उसमें ग्राहक को नहीं, लेकिन व्यापारियों को प्रारंभ में थोड़ी बहुत तकलीफ बढ़ जाएगी, ऐसा आल इंडिया टिंग के देवेद्र वाही का कहना है।  

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