खाद्यतेलों की खुदरा कीमतों में कटौती हेतु सरकार का निर्देश

खाद्यतेलों की खुदरा कीमतों में कटौती हेतु सरकार का निर्देश
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्र सरकार ने 14 अक्टूबर 2021 को आठ प्रमुख राज्यों से कहा है कि खाद्य तेलों के आयात शुल्क में कटौती की गई है जिसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें ताकि त्योहारों पर उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी।जिसको लेकर केद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वह खाद्य तेलों की खुदरा कीमत में 15-20 रुपए प्रति किलो की कटौती करें। उल्लेखनीय है कि जिन आठ राज्यों को निर्देश दिया गया है जिनमें उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश,राजस्थान,महाराष्ट्र,गुजरात,पश्चिम बंगाल,तमिलनाडु व आन्ध्र प्रदेश शामिल हैं ।
दरअसल दरअसल केद्र सरकार ने 13 अक्टूबर 2021 को पाम,सूर्यमुखी और सोयाबीन तेल से बेसिम कस्टम डय़ूटी घटाई थी।इसके साथ ही केन्द सरकार ने रिफाइंड खाद्य तेल पर भी शुल्क में कटौती की थी।जिसको लेकर केद्रीय खाद्य मंत्रालय की तरफ से 14 अक्टूबर 2021 को एक बयान में कहा कि आयात शुल्क में इन कटौती से खाद्य तों का खुदरा मूल्य 15 से 20 रुपए तक प्रति लीटर घटने की गुंजाइश बनती है।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि आयात शुल्क कटौती का यह फायदा ग्राहकों को मिले यह बेहद जरुरी है कि राज्य खाद्य तेलों का दाम घटाने के लिए तत्काल उचित कदम उठाएं।केद्रीय खाद्य मंत्रालय ककी तरफ से कहा गया है कि राज्यों केइस कदम से खाद्य तेलों की खुदरा कीमत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।केद्र सरकार की तरफ से आयात शुल्कों में कटौती के बाद क्रूड पाम आयात पर बेसिक कस्टम डय़ूटी 8.25 प्रतिशत रह गई है।वहीं क्रूड सोयाबीन आयल और क्रूड सूर्यमुखी ऑयल पर अब यह 5.5 प्रतिशत है।हालांकि शुल्क कटौती से पूर्व इन पर प्रभावी कस्टक ड्यूटी का स्तर 24.75 प्रतिशत था।ऐसे में उम्मीद करनी चाहिए कि त्योहारी मौसम पर खाद्य तेलों की कीमत कम से कम 15 रुपए प्रति किलो तक घटने की उम्मीद बढ रखी है।जिससे स्वभाविक है कि आम उपभोक्ताओं को खाद्य तेलों की बढती महंगाई से कहीं न कहीं राहत मिलेगी।

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