रबी फसलों की बोआई हेतु सक्रियता बढ़ी

रबी फसलों की बोआई हेतु सक्रियता बढ़ी
तिलहन-दलहन की बोआई पर किसानों का विशेष रुझान
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । चालू रबी फसल मौसम के तहत देश के विभिन्न उत्पादक राज्यों के किसानों की तरफ से विभिन्न रबी फसलों की बोआई के कार्य की शुरुआत कर दी गई है।हालांकि विगत वर्ष़ों में जिन राज्यों में बारिश की कमी के चलते खेतों में नमी कम हुआ करती थी उन राज्यों में इस बार मानसून के उतरार्द्व में भारी बारिश हुई हैजिससे रबी फसलों की बोआई को लेकर नमी की मात्रा बनी हुई है।जिससे रबी फसलों की बोआई को लेकर मौसम अनुकूल हो रखा है और रबी फसलों की बोआई का कार्य की शुरुआत हो गई है।वहीं इस बार किसानों को तिलहन और दलहनों की उपज के अच्छे मूल्य मिले हैं  जिससे वह उत्साहित है और  तिलहन और दलहन की बोआई अधिकाधिक क्षेत्रों में करने को लेकर विशेष रुप से उत्सुक नजर आ रहे हैं ।वहीं रबी फसलों में गेहूं,जौ,मक्का,बाजरा आदि की बोआई को लेकर भी किसान विशेष रुप से अग्रसर हो रखे हैं ।जिससे आगामी दिनों में रबी फसलों की बोआई की रफ्तार व्यापक रुप से सुधरेगी।हालांकि रबी फसलों की बोआई को लेकर सटीक आंकड़े आगामी दिनों में उपलब्ध हो सकेंगे।         
दरअसल आमतौर पर रबी फसलों की बोआई का कार्य किसान अक्टूबर की शुरुआत में करने में जोरशार से जुट जाते हैं । बहरहाल इस बार मानसून के बिल्कुल उतरार्द्व में देश के अधिकांशत: उत्पादक राज्यों में भारी बारिश हुई थी।जिससे खेतों में नमी की मात्रा काफी अधिक हो गई थी।जिससे इस बार रबी फसलों की बोआई का कार्य लगभग एक पखवाड़े से अधिक विलंबित हुई है।बहरहाल अब देश के विभिन्न उत्पादक राज्यों के किसानों की तरफ से रबी की प्रमुख फसलों जैसे कि गेहूं,सरसों,तोरिया, लाही, चना, मूसर, मटर, मक्का, जौ, बाजरा,गन्ना आदि की बोआई कार्य की शुरुआत हो गई है।जिसकी बोआई की रफ्तार आगे धीरे धीरे बढेगी।वहीं विगत वर्ष़ों में जिन राज्यों में मानसून बारिश कम होती थी उन राज्यों में मानसून के उतरार्द्व में बारिश अच्छी हुई है।जिससे वहां की खेतों में नमी की मात्रा अच्छी रही है और अब मौसम अनुकूल है।जिससे वहां के किसानों की तरफ से खरीफ फसलों की कटाई के उपरांत रबी फसलों की जुताई का कार्य जोरों पर शुरु कर दी गई है और विभिन्न रबी फसलों की बोआई की शुरुआत भी कर दी है।जिससे आगे रबी फसलों की बोआई में बढोतरी होने की उम्मीद है।इसीबीच पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई है।जिससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट आ रखी है।जिससे रबी फसलों की बोआई को लेकर मौसम बिल्कुल अनुकूल बन रखा है।ऐसे में उत्तर भारत के किसान अब विभिन्न रबी फसलों की बोआई करने को लेकर सक्रिय हो रखे हैं  और आगामी दिनों में रबी फसलों की बोआई अधिकाधिक क्षेत्रों में करने को लेकर विशेष रुप से उत्सुक नजर आ रहे हैं ।जिससे विगत वर्ष़ों की भांति इस बार भी  भी रबी फसलों की बोआई बेहतर होने की संभावना बनी हुई है।वैसे तो उत्तर भारत में मानसून आखिर में सक्रिय होता है और स्वभाविक है कि मानसून के उतरार्द्व में बारिश की अधिकता रहने से रबी फसलों की बोआई विलंबित होती है।वहीं हाल इस बार उत्तर भारत में हुआ है।बहरहाल अब रबी फसलों की बोआई को लेकर हालात धीरे धीरे बेहतर हो रहे हैं  और आगे उत्तर भारत में रबी फसलों की बोआई शानदार होने की उम्मीद है।बहरहाल इस बार गुजरात,महाराष्ट्र,मध्य प्रदेश सहित दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून के उतरार्द्व में भारी बारिश हुई है।जिससे वहां पर भी खेतों में नमी की मात्रा अािधिक हो गई थी।बहरहाल वहां भी अब रबी फसलों की बोआई को लेकर हालात सामान्य हो गए हैं  और रबी फसलों की बोआई का कार्य शुरु हो चुका है और आगे रबी फसलों की बोआई बेहतर होने के आसार नजर आ रहे हैं ।वैसे भी इस बार केद्र सरकार की तरफ से ऐन रबी फसल मौसम से पूर्व रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढोतरी कर दी थी,जिससे किसान काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं  और स्वभाविक है कि किसान रबी फसलों की बोआई जोरशोर से करने में उन्मुख होंगे जिससे आगे रबी फसलों की बोआई की रफ्तार बढने की उम्मीद बंध रखी है। 

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