कपड़ा-परिधान : क्रिसमस व नववर्ष पर पश्चिमी देशों की मांग बढ़ेगी

रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । केद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी प्रारंभिक आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारतीय कपास और मानव निर्मित यार्न,मेड-अप,रेडीमेड वस्त्र,फर्श कवरिंग सहित जूट उत्पादों और कालीनों के निर्यात अक्टूबूर 2021 में पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में सकारात्मक वृद्वि रही है।ऐसे में अमेरिका व यूरोपीय देशों में क्रिसमस और नववर्ष पर भारतीय कपड़ा और परिधान की मांग में बढोतरी होने की उम्मीद है।जिससे भारतीय कपड़ा और परिधान का निर्यात निरंतर सुधार की ओर अग्रसर रहेगा।
दरअसल सभी कपड़ा-परिधानउत्पादों,वस्तु समूहोंमें अक्टूबर 2021 के तहत अक्टूबर 2020 की तुलना में निर्यात के मोर्चे पर सकारात्मक वृद्वि दर्ज की है।जिनमें सूती धागे,कपड़े,हथकरघा उत्पाद आदि (46.2 प्रतिशत) और मानव निर्मित यार्न व कपड़े शामिल है।वहीं मेड-अप आदि (29.12 प्रतिशत),फर्श कवरिंग सहित जूट निर्माण (27.44 प्रतिशत),चमड़ा और चमड़े के उत्पाद(15.64 प्रतिशत),कालीन (10.6 प्रतिशत),हस्तनिर्मित कालीन को छोड़कर हस्तशिल्प (9.72) प्रतिशत और रेडीमेड वस्त्र (6.32 प्रतिशत) की वृद्वि की है।वहें अक्टूबर 2021 में भारतीय निर्यात 35.65 बिलियन डॉलर रहा।वहीं 2020 में यह 24.92 बिलियन डॉलर था जोकि 43.05 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्वि दर्शाता है।वहीं रुपए के संदर्भ में अक्टूबर 2021 में निर्यात 2,67,056.26 करोड़ रुपए था।वहीं अक्टूबर 2020 में 1,83,060.60 करोड़ रुपए की तुलना में 45.88 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्वि दर्ज की गई थी।वहीं अक्टूबर 2019 की तुलना में अक्टूबर 2021 में निर्यात डॉलर के संदर्भ में 35.89 प्रतिशत और रुपए के संदर्भ में 43.30 प्रतिशत की सकारात्मक वwिद्व प्रदर्शित की।वहीं अप्रैल-अक्टूबर 2021 की अवधि में भारतीय निर्यात का संचयी मूल्य 233.54 बिलियन डॉलर यानी 17,30,104.50 करोड़ रुपए था।वहीं अप्रैल-अक्टूबर 2020 की अवधि के तहत यह 150.54 बिलियन डॉलर यानी 11,24,418.69 करोड़ रुपए था।जिसमें 55.13 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्वि दर्ज की गई थी।वहीं डॉलर के संदर्भ में (रुपए में 53.87 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्वि),अप्रैल-अक्टूबर 2021 की तुलना में अप्रैल-अक्टूबर 2021 में निर्यात डॉलर के संदर्भ में 25.97 प्रतिशत और रुपए के संदर्भ में 33.06 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्वि प्रदर्शित की।ऐसे में भारतीय कपड़ा और परिधान के निर्यात सुधार की ओर अग्रसर रहेगा क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय देशों जैसे पश्चिम मूल्कों में भारतीय कपड़ा और परिधान की मांग में बढोतरी होगी।जिसको लेकर देश के निर्यात प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए केद्रीय वाणिज्य,उद्योग व कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने अपने टट्टिर पोस्ट में कहा कि निरंतर निर्यात वृद्वि एक निरंतर आर्थिक पलटाव का संकेत देती है।भारत के घ्वज से गुणवत्ता वाले सामान और सेवाओं का निर्यात एक आत्मनिर्भर भारत की नींव रख रही है।जिससे भारतीय कपड़ा और परिधान के निर्यात का भविष्य उज्ज्वल प्रतीत हो रहा है।

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