खाद्यतेल का आयात 2020-21 में 63% बढ़कर रु.1.17 लाख करोड़

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । भारत का खाद्य तेल आयात अक्टूबर को समाप्त होने वाला विपणन वर्ष 2020-21 तहत लगभग 131.3 लाख टन पर स्थिर बना रहा।बहारहाल तेल उद्योग के आंकड़ों के तहत मूल्य के संदर्भ में खाद्य तेलों का आयात 62 प्रतिशत बढकर 1.17 लाख करोड़ रुपए हो गया।
चूंकि सॉलवेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने एक बयान में कहा कि तेल वर्ष 2020-21 के तहत वनस्पति तेलों का आयात 135.31 लाख टन यानी एक करोड़ 35.3 लाख टन दर्ज किया गया है।वहीं 2019-20 के तहत यह 135.25 लाख टन था।इसमें कहा गया है कि वनस्पति तेलों का आयात पिछले छह साल में दूसरी बार सबसे कम है।एसईए के आंकड़ों के तहत खाद्य तेलों का आयात 2020-21 में पिछले वर्ष के 131.75 लाख टन से घटकर 131.31 लाख टन रह गया।वहीं अखाद्य तेल का आयात 3,49,172 टन से बढकर 399,822 टन हो गया।वहीं एसईए ने कहा कि मूल्य संदर्भ में खाद्य तेल का आयात 2020-21 में 1,17,000 करोड़ रुपए का हुआ जो कि 2019-20 में 71,625 करोड़ रुपए का हुआ था।एसईए ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पिछले कुछ महीनों में खाद्य तेलों के आयात में लगातार बदलाव किया है जिससे खाद्य तेलों के आयात के तौर तरीकों को बिगाड़ कर रख दिया है।वहीं 2019-20 के तहत 4.21 लाख टन की तुलना में 2020-21 में रिफाइंड तेल का आयात मामूली बढकर 6.86 लाख टन हो गया।वहीं कच्चे तेल का आयात 127.54 लाख टन की तुलना में मामूली घटकर 124.45 लाख टन रह गया।वहीं पहली नवम्बर को विभिन्न बंदरगाहों पर खाद्य तेलों का स्टॉक 5,65,000 टन और पाईपलाइन स्टॉक 11,40,000 टन होने का अनुमान है जो कि कुल मिलाकर 17,05,000 टन है।वहीं पहली अक्टूबर तक स्टॉक 20.05 लाख टन से घट गया है।

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