शक्कर में मंदी, नारियल, गोला, बुरा, काली मिर्च, जीरा उच्चस्तर पर मजबूत

हमारे संवाददाता
स्थानीय सियागंज किराना मंडी मे आगे त्योंहार और लग्नसरा की ग्राहकी तेजी  स्तर पर  है । आगे ग्रामीण और शहरी  ग्राहकी दोनो में तेजी की आशा रखी जा रही है । व्यापारिक क्षैत्रो से मिली खबर के अनुसार कोरोना वायरस का प्रभाव-डर  जनता के मन से निकल गया होने से ग्राहकी बढती जा रही है । बाजार से जनता से ली गई जानकारी अनुसार  अनलॉकडाउन बाद बाजार से खरीदी करना  जरूरी है कारण कि आगे त्योहारो और शादियो के सेवो की लंबी लाईन है ं। उनके अनुसार कोरोना फिर से कब अपना रौद्ररूप दिखादे और सरकार पुन: सख्ती में आ जाए इसलिये घरेलु वस्तुओ का रखरखाव स्टॉक करना जरूरी हो गया है ।  अर्थात जन मानस की अधिक खरीदी मानसिकता का व्यापार जगत खाद्य सामग्रियो के भाव उंचे करते हुए लाभ कमाई की ओर अग्रसर है । अर्थात सुगम आपुर्ति पर भी भाव नीचे आने से रहे । गत् हप्ते तेजी का हुआ बाजार आगे आने वाले दिनो में भी तेज या उंचे मजबूत भाव पर ही स्थिर रहेगा ऐसा प्रतीत होता है । गत् हप्ते सरकार का थोक महंगाई आंकडा भी उच्च तेजी का आया है  । हल्दी, शक्कर का भारी उत्पादन है और भाव उंचे में स्थिरता  पर है।  हांलाकि  शाक्कर  का निर्यात अभी कमजोर मांग होने से  भ्रावडा बढ गया बताते है जिससे शक्कर मे ंमंदी रही है । गत् हप्ते शक्कर कोई 50 रू प्रति क्विंटल  तक टूअी है । थोक मंडी भाव 3600 से 3625 -3640  रू तक होना बताया जा रहा था । इ।उ का सीजन बढन थ और शदियो के सेवो की मांग रहने से गत् हप्ते, गोला, नारियल, खापरा  बुरा, बेसन, सभी पर तेजी रही ।  गोला भाव 205 रू से 230 रू तक होना बताया जा रहा था । नारियल की तीन से चार गाडियां रोज आ रही है । भाव 250 भरती का 2050 -2100 रू तक होना बताया जा रहा था ।  गरम मसाला घटके  कालीमिर्च , लौंग, जावित्री, जायफल,  दालचीनी आदि मे ंहल्की तेजी थी  या उपरी भावो पर मजबूत रहे है । काली मिर्च गत् हपते उछलकर  565 से 615 रू तक होना बताया जा रही थी । एक-डेढ माह पूर्व इसका भाव 415-430 रू  उंचे मे ं था । हल्दी में इस वर्ष उत्पादक प्रदेशो मे अच्छी  पैदावर बताई जा रही है । निर्यात सामान्य है । पिछले छ: से आठ माह में पुरानी हल्दी  की आवक भी बराबर देश की मंडीयो में रही है मगर सरकार की अनदेखी  से कालाबाजारीयो ने इसे भारी उंचे भाव पर थाम रखा बताया जा रहा है ।  हल्दी स्थिर रही । भाव निजामाबाद कांडी 110 से 130 रू और सांगली लालगाय का भाव  156 से 158 रू तथा पीत्रसी हल्दी 501 नं क्वालिटी का भाव 1850-1900 रू तक होना बताया जा रहा था ।  सूखे मेवे काजू, बदातम, किशमीश, इलाईची, मख्साना,मुनक्का सभी तेज हुए है । त्योंहारो के वास बरत के घटको साबुदाना में उचच भाव पर स्थिरता रही बताया गया है । सच्चा मोती का भाव 5020  रू, जबकि पेंकिंग  एक किलो में यह 5580 रू तक बताया जा रहा है । अन्य कंपनियो का लूज भाव  लूज मे ंसाबुदाना 4200 से 5400 रू तक भाव था । किराना घटको में  थोक में कुछ में मंदी आती है  पर खेरची में जनता को इन पर राहत नही है । कई मसाला घटको का देश में अच्छा उत्पादन सामने खडा है । हल्दी,काली मिर्च, जीरा ,धनिया आदि के उत्पादन मंडियो  में आना  शुरू हों गए है । सटोरियों की चाले तेजी की बनती जा रही है उघर जीरा,धनिये के उत्पादन पर स्टोरियो द्वारा अफवाह फैलाई जा रही बताते है कि धनिये की फसल कमजोर है । उत्पादन में कमी होने की आशा में उस पर भी सटटे् से  तेजी बनाई जाने की चाल को बढावा देन थकी  खबर बनाई जाती रही है । थोक भाव  6500 से 7500 रू तक बताया जा रहा था ।  उत्पादक प्रदेश राजस्थान और म.प्र. की मंडिया में 200 से 400 बोरियो की आवकें बताई जा रही है । हांलाकि  खेरची में धनिया 150 रू किलो तक हो गया है । जीरा में निर्यात मांग कमजोर बताई जा रही है मगर भाव उपरी तौर पर ही स्थिर बताए जा रहे है । वायदे में जीरा  500 रू तक  की तेजी गत् बना गया बताते है । इससे हाजिर व्यापार मे ंभी तेजी बताइz जा रही थी ।   भाव राजस्थान जीरा 165  से 168 रू तक और उंझा जीरा मध्यम का भाव 185  से 195 रू तक और बेस्ट में 200 स थ210  रू तक होना बताया गया है ।  प्रकृति की प्राकृतिक उत्पादन संपदा में कभी कमी नही आई मगर महंगाई भ्रष्ठाचार के कदाचार ने मनोवृत्ति इस पर भी पैदा कर दी है ।  इस वर्ष गन्ने का अछा उत्पादन हुआ है । इससे शक्कर उत्पादन बढता जा रहा है और भारी जमा स्टॉक थ कारण भाव नही उठ पा रहे । निर्यात मांग भी कमजोर होना बताऐ जा रहे है । बावजूद शक्कर की मंदी नही होना आकार्य है ।

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