सोयाबीन में पुन: भारी तेजी : सोया, पाम तेल में भी तेजी

सोयाबीन में पुन: भारी तेजी : सोया, पाम तेल में भी तेजी
हमारे संवाददाता
गत् हप्ते यूएसडीए की सोयाबीन के अनुमानित रिपोर्ट के अनुसार  सोयाबीन का स्टॉक  में कमी आने की खबर और वैश्विक मांग बढने से भारतीय वायदा बाजार भी तेज होना बताया जा रहा था । खाद्य तेल के विश्लेषकों की रिपोर्ट के अनुसार मिली जानकारी में पामतेल उत्पादक देश मलेशिया और इंडोनेशिया की तरफ कोविड के कारण मजदूरो की  भारी कमी  आने से उधर पाम की कृषि और कारखाना कृषिंग भारी कमी आई  होकर प्रभावित होने स थउत्पादन प्रभावित हुआ है ।  इससे भाविष्य में पाम तेल की निर्यात आपूर्ति प्रभावित हो सकती है । भारत में खाद्य तेल की आपूर्ति करने हेतु विदेशी खाद्य तेल सोया , पाम , सनलॉवर, और ओलिन का बहुतायत आयात होता है । इसमे सस्ते  पाम तेल का आयात तुलनात्मक में अधिक होता रहा है । वैश्विक रूप से पाम तेल पर विश्व की निर्भतता बढने से इसकी मांग बहुतायत में बढने से पिछले एक वर्ष में पाम तेल , सोया तेल के भावो का भी भारत में पार कर गया है । पाम तेल की अधिक मांग भारत में वनस्पति , कंफेक्शनरी, सोंदर्य प्रसाधन और साबुन उद्यााथग के काम आता रहा है । बाले बाले घालमेल रूप में अन्य तेलो मे ंभी इसका चलन बढ गया प्रतीत हो सकता है । इससे इसकी खपत भारत में बहुतायत से बढने लगी थी ।  भारत में खाद्य तेल के  बढे भारी भावो ने सरकार को चौकांया तब  आयाति खाद्य तेल की निर्भरता कम करने  और पाम तेल की खेती देश मे ही बढाने  की योजना कार्यान्वित हुई तथा बढे भारी भावों पर आयात शुल्क का भारी परिवर्तन  सरकार द्वारा किया गया ।  बावजूद खातेल पर भाव में कोई  अधिक  कमी का स्वाद जनता ने नही चखा । सरकार की कडाई नीति से यह जरूरर हुआ कि भारत के  बडे त्योहारी पर्व के दिनो मे ं कुछ भाव नीचे आऐ थे । व्यापारिक क्षैत्र जानकारो के अनुसार  दीपावली बाद शादी ब्याह  के सेवो की मांग देशभर मे ंबढने से और आपूर्ति प्रभावित होने से भावो मे ं पिछले हप्ते पुन: तेजी का दौर बन गया है । जिसमे सोया तेल और पाम तेल तेज हुऐ ।  सोयाबीन प्रोसेर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया , सोपा  के अनुसार  चालू फसल सीजन में 2021-22 में सोयाबीन का उत्पादन 118.89 तक का अनुमान होना बताया जा रहा है । जबकि पिछले वर्ष सोयाबीन उत्पादन 104 55 लॉख का रहा था ।  सोपा के अनुसार पिछले वर्ष का बचा और इस वर्ष के उत्पादन अनुमान से  तथा अभी तक के क्रशिंग हो जाने के बाद  भी भारत में सोयाबीन का स्टॉक 123 .72 लॉखटन चालू रह सकने का अनुमान है ।  इधर एनसीडीएक्स में अक्टूबर स थ अब तक के इंडेक्स से दिसंबर तक का वायदा  पिछले 15 दिनो मे ं 500 रू तक सुधरा बताते है । इसी तरह समर्थन में  सोया तेल और एमसीएक्स में सीपीओ वायदा भी 3  से 4 रू का वायदा सुधरा बताते है। 
सूत्रों से मिली खबरों के अनुसार केंद्र सरकार  102 उत्पादों की 100 प्लस प्राथमिकता वाली वस्तुओं के आयात में कटौति करना चाहती है  । आयात बिल में 18 वस्तुओं की उच्च हिस्सेदारी है । उच्च आयात वृद्धि की वस्तुओं मे ंकुड पाम आईल, गोल्ड , और सन आईल अधिक है । इस हवा से गत् हप्ते बुधवार को सोया तेल और पाम तेल के भाव  देश में अचानक उछले ।  सोया तेल विगत् हप्तों में 1240-1245 के मुकाबले 1225 रू की मंदी तक त्योहारी पर्वे के समय नीचे में आया था जो बढकर 1250-1255 रू तक  गत्  हप्ते गुरूवार तक होना बताया जा रहा था । अर्थात 25-30 रू की वृद्धि थोक एवं प्लांटो  के भावों में हुई है । हांलाकि इस वर्ष  मूंगफली के अधिक उत्पादन आने से  मूंगफल तेल में कुछ राहत है  है जो गत् हप्ते 1420-1430 रू था जो घटकर 1390-1400 रू तक होना बताया जा रहा था । म.प्र. प्लांटो का सोयातेल भाव 1250 से 1260 रू तक  ओर महाराष्ट्रा तरफ के सोया तेल प्लांटो का भाव 1240 से 1265 रू तक होना बताया जा रहा था ।  इस वृद्धि के पीछे वैश्विक सोयाबीन के स्टॉक में कमी होना बताई जा रही थी । गत् हप्ते बुधवार को  हांलाकि  सीबॉट सोया तेल में हल्की गिरावट होकर बंद रहा मगर मलेशियन पाम तेल वायदा में केएलसी  दिसबंर वायदा  की उछलकर 5200 पाइंट से उपर तक निलकर  22 पाइंट प्लस में   5267 पाइंट पर बंद रही ।  गत् गुरूवार को भी मलेशियन पाम तेल प्लस  28 पाइंट वायदा मजबूती म थ चल रहा था और उधर शिकागो सोयाबीन वायदा भी  लगातार तेजी मे ंबना रहा ।  इससे सोयाबीन भाव उछलकर पुन: 6100-6200 रू तक होना बताया जा रहा था । विगत् हप्ते के  सोयाबीन भाव 5600-6000  रू  के भाव पर सुधार होकर 6150-6175 रू हो गये  ।  प्लांटो की मांग  6150-6175 रू तक में भी तेजी आई होने से  सोयाबीन भाव को तेल का सपोर्ट मिलना बताया जा रहा था । इस तेजी में देशभर में सोयाबीन उत्पादक प्रदेशों के किसानो और स्टॉकिस्टो के पास से सोयाबीन निकलकर भारी तादाद में मंडिया थमें आना बताया जा रहा है । जिसकी तदाद  छ: से सात लॉख बोरियो की होना बताई जा रही है । म.प्र. की मंडियो मे ंही तीन से साढे तीन लॉख बोरियों की आवकें मंडियो मे ंहोना बताई जा रही है । इंदौर की विभिन्न मंडियो में 20 से 25 हजार बोरियों की आवकें प्रति दिन की रही बताया जा रहा है । देशभर की मंडियो में सरसों तिलहन की आवके अब डेढ लॉख बोरियो की रह गई है बताया जा रहा है ।  मिली खबरों के अनुसार तिलहनो के  इस वर्ष भारी भाव हो जाने की  दशा मे तिलहनो का रकबा बढा बताया जा रहा है ।

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