टी बोर्ड इण्डिया ने केन्या और नेपाल से आ रही सस्ती चाय पर रोक लगाई

टी बोर्ड इण्डिया ने केन्या और नेपाल से आ रही सस्ती चाय पर रोक लगाई
निधेष शाह 
टी फ़ोरम ऑफ़ इण्डिया 
टी बोर्ड इण्डिया ने केन्या और नेपाल से भारत को सस्ती चाय के आयात पर रोक लगा दी है जो वैश्विक बाजारों में भारतीय क्षेत्र की चाय के रूप में बेची जा रही है और चाय पीने वालों द्वारा देश में खपत की जा रही है। टी बोर्ड ने चाय आयातकों को उनके आयात लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी है यदि यह पाया जाता है कि वे देश में सस्ती चाय का आयात कर रहे हैं और कुछ नियम और प्रतिबंध निर्धारित किए हैं जिनका आयातकों को पालन करना चाहिए । 
बोर्ड के अधिकारी उन गोदामों का औचक दौरा करेंगे जहां चाय की गुणवत्ता की जांच के लिए आयातित चाय का स्टॉक किया जा रहा है। चाय उद्योग और टी  फ़ोरम ऑफ़ इण्डिया द्वारा देश में सस्ते चाय के बढ़ते आयात पर चिंता जताने के बाद यह कदम उठाया गया है । 
`जनवरी से अगस्त 2021 तक चाय के आयात में 2020 की समान अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई और आयात की इकाई मूल्य में कमी आई है। यद्यपि एकल आधार पर संचयी आयात में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, इसी अवधि में नेपाल से आयात में 28% और केन्या से 146% की वृद्धि हुई है। 
टी फ़ोरम ऑफ़ इण्डिया के मुताबित  ` टी बोर्ड ने देश में सस्ती चाय के प्रवेश पर रोक लगाने का सही फैसला किया है, जो विश्व बाजारों में भारतीय मूल की चाय के रूप में बेची जा रही है और इस तरह भारतीय चाय की छवि खराब कर 
रही है।`  
टी बोर्ड इण्डिया के उपाध्यक्ष डॉ के एन राघवन ने नोटिफिकेशन नंबर एAङ/Iख्र/21/2020 ।़द. 11-11-2021 से ये आदेश जारी किया इस के लिए टी फ़ोरम ऑफ़ इण्डिया ,उपाध्यक्ष टी बोर्ड और  लायसांसिंग डिपार्टमेंट का अभिनंदन करता है और भारत मे आयाती सस्ती चाय पर रोक लगाने की टी फ़ोरम ऑफ़ इण्डिया की मांग पर कार्यवाही करने के लिए आभार प्रकट करते है । 
`बौद्धिक संपदा अधिकारों (ट्रिप्स) के व्यापार-संबंधित पहलुओं पर डब्ल्यूटीओ समझौते के अनुसार , कोई अन्य चाय, आयातित चाय को छोड़ दें, असम ( ऑर्थोडॉक्स चाय), दार्जिलिंग, कांगड़ा और नीलगिरी (ऑर्थोडॉक्स चाय) के साथ मिश्रित नहीं किया जा सकता है, जिसमें जीआई  (उI भौगोलिक संकेत) टैग है । 
दार्जिलिंग चाय व्यापार के लिए  नेपाल से आ रही घटिया गुणवत्ता वाली आयातित चाय का हमला सबसे कठिन रहा है। नेपाली चाय ने भारत के साथ साथ वैश्विक बाजारों में भी दार्जिलिंग चाय का नाम का गलत तरीके से उपयोग कर के बाजार में धूम मचा दी है। 
टी बोर्ड ने जारी किए आदेश के अनुसार , 100 प्रतिसद आयाती चाय को रीएक्सपोर्ट के उद्देश्य से भारत में  चाय का आयात करने वाले सभी ऐसे आयातकों को अपने पास ऐसी आयाती चाय का  स्टोक कितना है वो  24 घंटे के भीतर  इस की जानकारी निकटतम टी बोर्ड इंडिया के कार्यालय को देनी होगी। टी बोर्ड इण्डिया द्वारा भारत में वितरण के लिए ऐसी आयातित चाय के स्टॉक से रेंडेमली नमूने एकत्र किए जाएंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि ऐसे नमूने भारतीय चाय के लिए निर्धारित आवश्यकता के अनुरूप हैं या नहीं, इस का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा ।

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