एलआईसी का आईपीओ चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में आने की संभावना

एलआईसी का आईपीओ चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में आने की संभावना
बीपीसीएल सहित छह सार्वजनिक उपक्रमों हेतु जनवरी तक निविदा
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण के लिए 2021 तक वित्तीय निविदा जारी करेगी।जिसको लेकर निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने 17 नवम्बर 2021 को जानकारी देते हुए कहा कि इन केद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के लिए बोलियां लगाने को निजी कंपनियों को भी आमंत्रित किया है। 
दरअसल सीसीआई वैश्विक आर्थिक नीति सम्मेलन 2021 को संबोािधित करते हुए दीपक के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि 19 वर्ष़ों के बाद इस साल पांच-छह सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण देखने को मिलेगा।जिसके तहत इस समय बीपीसीएल सम्यक तत्परता के चरण में है।वहीं बीईएमएल,शिपिंग कॉर्प,पवन हंस,सेन्ट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स और एनआईएनएल के लिए भी दिसम्बर-जनवरी के तहत वित्तीय निविदाएं आमंत्रित की जा सकती है।सार्वजनिक इकाइयों के विनिवेश की प्रक्रिया संचालित करने वाले विभाग दीपम के सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा कि इन उपक्रमों को निजी हाथों में साøपने की प्रक्रिया चालू वित्त वर्ष में ही पूरी हो जाने की उम्मीद है।उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आइपीओ) के भी इस वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में आने की संभावना है।उन्होंने कहा कि एलआइसी का आईपीओ लाने के लिए हम कड़ी मेहनत कर रहे हø।ऐzस में पूंजी बाजार के लिए चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही बड़ी घटना होगी।उन्होंने कहा कि सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया की कमान टाटा संस को साøप दिए जाने की प्रक्रिया दिसम्बर तक पूरी होने की उम्मीद है।वहीं एलआईसी का शेयर बाजार में सूचीबढ होना केद्र सरकार के लिए विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने के लिहाज से बेहद अहम होगा।जिसको लेकर केद्र सरकार ने 2021-22 के आम बजट में विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपए का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।बहरहाल चालू वित्त वर्ष में अभी तक सिर्फ 9,330 करोड़ रुपए ही विनिवेश से जुटाए जा सके हø।यह राशि सार्वजनिक इकाइयों में अपनी अल्पांश हिस्सेदारी बेचने और एसयू-यूटीआई की बिक्री से मिली है।यद्यपि केद्र सरकार ने पिछले महीने टाटा समूह की कंपनी टालेस प्राइवेट लिमिटेड को एयर इंडिया की बिक्री पर मुहर लगाई थी।जिसके एवज में केद्र सरकार को 2,700 करोडढ़ रुपए मिले और टालेस ने एयर इंडिया पर बकाया 15,300 करोड़ रुपए का कर्ज बोझ अपने जिम्मे ले लिया।जिसको लेकर दीपम के सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा कि एयर इंडिया की बिक्री हो जाने के बाद सार्वजनिक इकाइयों के निजीकरण की प्रक्रिया कहीं तेजी से संपन्न की जा सकती है।उन्होंने कहा कि इसलिए लिए निजी क्षेत्र का सहयोग भी जरुरी है।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों की बिक्री की प्रक्रिया शुरु होने पर निजी क्षेत्र को भी बोली लगाकर अपनी भूमिका निभानी है।उन्होंने कहा कि हम निजीकरण की राह में ऐसी स्थिति की तरफ बढ रहे हø जहां नीतिगत के अतिरिक्त यह कार्य में भी नजर आती है।

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