एकसमान 12 प्रतिशत जीएसटी दर कपड़ा उद्योग को खत्म कर देगी

एकसमान 12 प्रतिशत जीएसटी दर कपड़ा उद्योग को खत्म कर देगी
नए नोटिफिकेशन से एमएमएफ पर भारी असर
हमारे प्रतिनिधि
सूरत। जीएसटी कौंसिल की पिछली बैठक में केंद्र सरकार ने जनवरी 2022 से टेक्सटाइल क्षेत्र की इंवर्ट़ेंड ड्यूटी स्ट्रक्चर को दूर करने का निर्णय लिया गया था। इसके आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा था कि जीएसटी स्लैब में 5 प्रतिशत से बढ़ाकर एकसमान 12 प्रतिशत किया जाएगा। हाल ही में जारी किए गए नोटिफिकेशन ने इस आशंका को सही साबित किया है। नोटिफिकेशन के चैप्टर 53 और 54 के अनुसार टेक्सटाइल्स में काटन को छोड़कर सभी आईटमों पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा।  
एमएमएफ की समग्र चैनल पर एकसमान 12 प्रतिशत जीएसटी लागू होने से इस क्षेत्र के साथ जुडे हुओं पर भारी असर पड़ेगा। हाल ही में इस सिलसिले में सूरत, इचलकंरजी, मालेगांव, भिवंड़ी सहित देशभर के कपड़ा अग्रणियों ने एक बैठक बुलाई थी जिसमें सर्वसहमति से यह तय किया गया था कि किसी भी हालत में जीएसटी दर में परिवर्तन उपयुक्त नहीं है।  
सरकार को दो-दो बार प्रतिवेदन प्रेषित करने के बावजूद जारी किए गए नोटिफिकेशन में काटन और काटनयार्न पर 5 प्रतिशत को छोड़ अन्य सभी प्रकार के मेनमेड फाइबर यार्न फेब्रिक्स और गार्म़ेंट्स पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू किया गया है। इस पर क्रियान्वय एक जनवरी से होगा। वीविंग और जाबवर्क पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू किया जाएगा।  
फीयास्वी के चेयरमेन भरतभाई गांधी के अनुसार 12 प्रतिशत जीएसटी के कारण मुद्रास्फीति बढ़ेगी। हम दो बार इस मामले में सरकार से परिवर्तन न करने का अनुरोध कर चुके है लेकिन उसपर कोई असर नहीं हुआ है। अंत: अब हम देश की सभी टेक्सटाइल एसोसिएशन को साथ में लेकर पुन: मांग करेंगे।  
दक्षिण गुजरात चेंबर के प्रमुख आशिष गुजराती के अनुसार वे पुन: कपड़ा मंत्रालय में दर परिवर्तन न करने की मांग करेंगे।  
प्रमुख वीवर मयूर गोणवाला का कहना है कि 12 प्रतिशत जीएसटी से कपड़ा उद्योग खत्म हो जाएगा। दक्षिण गुजरात चेंबर के उपप्रमुख हिमांशु गोणावाला कहते है कि हमने अक्टूबर में आयोजित बैठक में सरकार का ध्यान खींचा था कि एकसमान जीएसटी लगाने से कपड़ा उद्योग को भारी नुकसान होगा। उल्लेखनीय है कि कपड़ा उद्योग कृषिक्षेत्र के बाद सबसे ज्यादा रोजगार सर्जन करता है अंत: कपड़ा उद्योग को बचाने के लिए जीएसटी दर को समान करने का विचार छोड़ देना चाहिए।    

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